उदयपुर में तालिबानी हत्याकांड के विरोध में डूंगरपुर बंद:शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात, हिंदू संगठनों ने निकाली रैली

डूंगरपुर2 महीने पहले
लोगों ने हत्याकांड के विरोध में गेप सागर से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड के विरोध में बुधवार को डूंगरपुर में सुबह से ही बाजार बंद रहे। इस दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बंद को देखते हुए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इस दौरान शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे। हत्याकांड के विरोध में हिंदू संगठनों ने बंद का आह्वान किया था। बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों से जुड़े लोग गेपसागर की पाल पर इकठ्ठे हुए। इसके बाद विरोध जताते हुए बाजार में खुली कुछ दुकानें भी बंद करवा दी।

पुलिस अधिकारियों ने शहर के बाजार में राउंड करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाएं देखी।
पुलिस अधिकारियों ने शहर के बाजार में राउंड करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाएं देखी।

पुराना शहर, मुख्य बाजार, अस्पताल रोड समेत सभी जगहों पर दुकानें बंद रही। पुराने शहर में कई जगह पर सशस्त्र जवान भी लगाए गए हैं। एएसपी अनिल मीणा, डीएसपी राकेश कुमार शर्मा, सीआई सुरेंद्र कुमार सोलंकी ने शहर के बाजार में राउंड करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाएं देखी। एएसपी अनिल मीणा ने बताया की डूंगरपुर में धारा 144 लगी हुई है। सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिलेभर में मंगलवार देर रात से इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है।

हिंदू संगठनों के बंद के आह्वान को व्यापारियों ने समर्थन दिया और अपनी दुकानें बंद रखी।
हिंदू संगठनों के बंद के आह्वान को व्यापारियों ने समर्थन दिया और अपनी दुकानें बंद रखी।

विरोध रैली में जमकर प्रदर्शन, कलेक्ट्री के सामने नारेबाजी
कन्हैयालाल हत्याकांड के विरोध में विभिन्न हिंदू संगठनों की ओर से रैली निकाली गई। इस दौरान कलेक्ट्री के सामने नारेबाजी करते हुए हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की गई। रैली में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या, सभापति अमृत कलासुआ, विहिप के प्रकाश भट्ट, अनूप चौबीसा, डायालाल पाटीदार, विमल सोनी समेत कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। विरोध रैली गेपसागर की पाल से पुराना अस्पताल, सोनिया चौक, माणक चौक, दर्जीवाड़ा, कानेरा पोल, मोची बाजार होते हुए वापस गेपसागर की पाल से तहसील चौराहा और फिर कलेक्ट्रेट पहुंची। इसके बाद विभिन्न संगठनों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।