डूंगपुर के साबला में पौने पांच इंच बरसात:नदियों में उफान से टापू बना बेणेश्वर धाम, मेवाड़ा डेम हुआ ओवरफ्लो

डूंगरपुर5 महीने पहले
सोम, माही और जाखम नदियों से पानी आने के कारण बेणेश्वर धाम टापू बना हुआ है।

डूंगरपुर जिले में पिछले 7 दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर चल रहा है। लगातार हो रही बारिश से जिले के नदी, नाले उफान पर बह रहे हैं, जबकि तालाब और बड़े बांध ओवरफ्लो हो गए हैं। जिले में पिछले 24 गंटे में सबसे ज्यादा पौने पांच इंच बारिश साबला में हुई, जिसके कारण बेणेश्वर धाम टापू बना हुआ है।

डूंगरपुर जिले ने मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर हो रही बारिश देर रात तक चलती रही। पानी की अच्छी आवक के चलते जिले के सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के 2 गेट 0.70 मीटर तक खुले हैं, जबकि 2 गेट 1-1 मीटर खुले हैं। चारों गेट से 27 हजार 98 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है, जबकि सोम कागदर ओर गोमती नदी में 25 हजार 900 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है।

जिले के सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के 2 गेट 0.70 मीटर तक खुले हैं, जबकि 2 गेट 1-1 मीटर खुले हैं।
जिले के सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के 2 गेट 0.70 मीटर तक खुले हैं, जबकि 2 गेट 1-1 मीटर खुले हैं।

सोम कमला आंबा बांध के गेट खुले रहने से बेणेश्वर धाम पर सोम नदी में उफान है, जबकि माही और जाखम नदियों से भी पानी आ रहा है। तीनों नदियों में उफान के कारण बेणेश्वर धाम टापू बना हुआ है। बेणेश्वर धाम पर जाने के लिए बनी साबला, वालाई और बांसवाड़ा पुलिया पर पानी बह रहा है, जिससे धाम पर आवागमन बंद हो गया है। बेणेश्वर टापू पर करीब 25 लोग है, जो मंदिर में पुजारी और दुकानदार हैं।

जिले में लगातार रहो रही बारिश से आकारसोल का नाका भी ओवरफ्लो हो गया है। बांध की कुल भराव क्षमता 9 मीटर है और अभी बांध 5 सेंटीमीटर ओवरफ्लो चल रहा है। मेवाड़ा डेम भी ओवरफ्लो हो गया है और उसमें 10 सेंटीमीटर की चादर चल रही है। वहीं जिले में पानी की लगातार आवक रहने से कई छोटे बड़े एनीकट और तालाब भी लबालब होकर छलकने लगे है।