बेणेश्वर में 16 मई को राहुल गांधी की सभा:जर्मन तकनीक से बन रहे डोम में 26 डिग्री रहेगा टेंपरेचर

डूंगरपुर8 दिन पहले
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उदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर (नव संकल्प शिविर ) के बाद 16 मई को राहुल गांधी बेणेश्वर धाम पर 132 करोड़ की लागत से बने पुल का शिलान्यास करेंगे और यहां आम सभा को संबोधित करेंगे। सभा को सफल बनाने के लिए वागड़ व मेवाड़ के कांग्रेसी नेता जुटे हुए है।

राहुल गांधी की सभा में करीब 5 लाख लाेगाें के शामिल हाेने की संभावना जताई जा रही है। इसको देखते हुए पिछले 10 दिन से बेणेश्वर धाम सभा स्थल पर तैयारियां चल रही है। इसको लेकर यहां पर लगातार जायजा लिया जा रहा है। गर्मी काे देखते हुए छाया व पानी आदि की व्यवस्था काे देखा जा रहा है। सीएम अशोक गहलोत के साथ साथ मंत्री व प्रशासनिक अधिकारी भी यहां पर पहुंच कर जायजा ले चुके हैं। भीषण गर्मी काे देखते हुए यहां पर पहली बार जर्मन तकनीक से पांडाल तैयार किया जा रहा है। आंधी, तूफान में भी यह मजबूती से खड़ा रह सकेगा। इसमें कुलिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इससे लाेगाें काे गर्मी में परेशान नहीं होना पड़ेगा। यह पूरी तरह से वाटरप्रूफ पांडाल है।

बताया जा रहा है कि यदि भीषण गर्मी में बाहर का तापमान 42 डिग्री हाेगा ताे जर्मन तकनीक से बन रहे डोम के इस भाग का तापमान 25 से 26 डिग्री तक रहेगा। इससे लाेगाें काे गर्मी से निजात मिलेगी। इसके पीछे कारण यह है कि 8 एमएम की एल्यूमिनियम की चद्दर व चाराें तरफ पाइप लगेंगे, जाे गर्मी काे ऑब्जर्व कर लेंगे। इसे उदयपुर की इवेंट कंपनी के आदिल पठान की देखरेख में गुजरात के गहनाराम के साथ कई कारीगर पिछले 10 दिन से तैयार करने में लगे हुए है। यहां पर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक व शाम काे 6 बजे से रात 3 बजे तक काम किया जा रहा है। करीब 120 कूलर लगाए जा रहे हैं। साढ़े 17 टन के 6 एसी व अन्य 8 एसी लगाए जा रहे है। पांडाल में पानी की फव्वारा पट्टी की व्यवस्था से लाेगाें काे राहत देने का काम किया जा रहा है।

एल्युमिनियम, लोहे की अपेक्षा हल्का होता है लेकिन मजबूती ज्यादा होती है
बताया जा रहा है कि अंग्रेजी अक्षर के हाफ ए के आकार में बनने वाले इस टेंट में वेंटिलेशन का खास ख्याल रखा जाता है। ताकि तेज हवा या तूफान भी चले तो बिना टेंट को क्षति पहुंचाए निकल सके। जमीन में पिलर खड़ा करने के एल्युमिनियम का आधार बनता है, जिसे नटबोल्ट के सहारे कसा जाता है। फिर इस पर एल्युमिनियम के ही मजबूत पिलर खड़े किए जाते हैं और एल्युमिनियम की ही बीम यानि पाइप लगाई जाती है। बताया जा रहा है कि एल्युमिनियम, लोहे की अपेक्षा हल्का होता है लेकिन मजबूती ज्यादा होती है। इससे टेंट बनाने व उतारने में आसानी होती है। यह पूरी तरह ढका होता है और बाहर मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जाती है। इस तरह के पाड़ाल के बीच में पूरी फव्वारा पट्टी चलेगी जाे पानी की हल्की फुल्की बौछार करती रहेगी। इसे पांडाल में ठंडक बनी रहेगी।

मायने- संभाग में जनजाति वोटरों का सीधा प्रभाव
राहुल की सभा से कांग्रेस पार्टी उदयपुर संभाग की सीटों पर टारगेट करना चाहती है। इन सीटों पर जनजाति मतदाताओं का सीधा प्रभाव है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पारंपरिक वोटर माने जाने वाले आदिवासियों ने उसका साथ छोड़ दिया था, जिससे बीटीपी व भाजपा को फायदा मिला था। ऐसे में कांग्रेस दोबारा अपने आदिवासी वोट बैंक को लुभाना चाहती है। इस सभा का मध्यप्रदेश और गुजरात की सीटों पर भी असर होगा। अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी, महंत अच्युतानंद के साथ धर्म संवाद व मंदिरों में पूजा-अर्चना भी करेंगे। राहुल गांधी की सभा के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।

चार हैलीपेड़ बनाए, मंदिर में दर्शन के बाद सभा
16 मई को राहुल गांधी सीधे बेणेश्वर धाम पर से उतरेंगे। वहां पर पूजा पाठ एवं 132 करोड़ से बनने वाले पुल के शिलान्यास के कार्यक्रम के पश्चात सभा स्थल पर जाएंगे। सभा में आने वाले लोगों की बैठक व्यवस्था के लिए तीन डोम बनाए जा रहे हैं। चार हैलीपेड बनाए हैं, इसमें दो मंदिर के तरफ है, जहां से सभी वीआईपी नेता मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे। इसके अलावा दो हैलीपेड सभा स्थल के पास बनाए हैं। सभास्थल के पास तीन सेफ हाउस बनाए है।

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