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हत्यारों को बीच सड़क पर फांसी दी जाए:कन्हैयालाल ने पैतृक गांव नांदली अहाड़ा में सीखा था टेलरिंग का काम, कुछ समय सलूंबर में रहे, फिर उदयपुर चले गए थे

डूंगरपुर2 महीने पहले
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कन्हैयालाल का नांदली अहाड़ा गांव में पैतृक घर। - Dainik Bhaskar
कन्हैयालाल का नांदली अहाड़ा गांव में पैतृक घर।

उदयपुर में तालिबानी तरीके से टेलर कन्हैयालाल तेली की हत्या के बाद हर किसी के चेहरे पर आक्राेश है। हर काेई इस घटना के बारे में सुन कर स्तब्ध रह गया। जब लाेगाें काे यह पता चला कि मृतक कन्हैयालाल मूल रूप से डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे ताे लाेगाें का यह आक्राेश ओर बढ़ गया, लाेगाें की जुबान पर एक ही बात थी कि हत्याराें काे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

कन्हैयालाल तेली मूल रूप से डूंगरपुर जिले केे नांदली अहाड़ा गांव का रहने वाले थे। पिछले 20-25 साल से उदयपुर में रह कर टेलरिंग का काम कर रहे थे। वहां पर किराये की दुकान से परिवार का पालन पाेषण कर रहे थे। इस घटना ने पूरे परिवार के साथ लाेगाें काे बुरी तरह से हिला दिया है। मृतक के भांजे राजेंद्र तेली ने बताया कि मामा ने टेलरिंग का काम सीखा था।

इसके बाद कुछ समय के लिए सलूंबर काम किया। फिर उदयपुर में रह कर परिवार का पालन पाेषण कर रहे थे। साल भर में त्याेहार हाेने व गांव में कुछ आयाेजन हाेने पर परिवार समेत गांव आना जाना लगा रहता था। गांव वालों से मिलकर ही वापस जाते। दूसरे मामा कालूलाल अहमदाबाद में रहते हैं। परिवार के सदस्य पैतृक गांव नांदली अहाड़ा में अंतिम संस्कार करना चाहते थे,

लेकिन उदयपुर में 20-25 साल से रहने और वहां की समाज के निवेदन के चलते उदयपुर में ही अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के लाेगाें ने कहा कि इस घटनाक्रम में लिप्त अन्य लाेगाें के खिलाफ कार्रवाई हाेनी चाहिए, जिन्हाेंने उनकाे पनाह दी थी।

आक्रोशित लोग बोले-हत्यारों को बीच सड़क पर फांसी दी जाए

डूंगरपुर। उदयपुर में कन्हैयालाल तेली हत्याकांड मामले को लेकर बुधवार को डूंगरपुर शहर बंद रहा। हिन्दू संगठनों व व्यापारिक संगठनों ने बंद का आह्वान किया था। इस बंद काे भाजपा का समर्थन मिला। दरअसल, इस बंद के समर्थन में व्यापारियों ने सुबह से दुकानें नहीं खोली।

बंद के दौरान मुख्यालय पर बाइक रैली निकाली गई, विभिन्न मार्गाे से हाेते हुए रैली बाद कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां पर संगठन के लाेगाें ने नारेबाजी की। इस दाैरान हत्यारों काे सार्वजनिक स्थान पर फांसी देने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम एडीएम काे ज्ञापन दिया।

कार्यकर्ता व विभिन्न संगठन के प्रतिनिधियाें ने कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी की। बाइक रैली गेपसागर की पाल से पुराना अस्पताल, सोनिया चौक, माणक चौक, दर्जीवाड़ा, कानेरा पोल, मोची बाजार चौराहा होते हुए कलेक्ट्री पहुंची। संगठनों ने कन्हैयालाल हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए हत्यारों को बीच सड़क पर फांसी देने की मांग रखी।

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभु पंड्या व नगरपरिषद सभापति अमृत कलासुआ ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग रखी है। इस दाैरान संगठनाें के विभिन्न लाेगाें के चेहरे पर आक्राेश नजर आया।

लाेगाें ने संगठन के बैनर तले कलेक्ट्रेट पाेर्च में नारेबाजी की। इस दाैरान एडीएम के अपने कक्ष से बाहर आए। ज्ञापन साैंप कर हत्याराें काे फांसी देने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि इस हत्याकांड काे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से सहयाेग करने वाले संगठन व व्यक्तियाें काे इस दायरे में लाकर सजा दी जाए।

आज भी बंद रहेगा इंटरनेट, ऑनलाइन से जुड़े कार्य प्रभावित

डूंगरपुर. उदयपुर शहर के धान मंडी थाना क्षेत्र में घटित हत्याकांड की घटना को देखते हुए, संप्रदायिक सद्भाव एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना के मद्देनजर जिले में धारा 144 लगाई गई है। जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी किए

आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति अथवा संस्थान प्राधिकृत अधिकारी से पूर्व अनुमति लिए बिना सार्वजनिक स्थल पर सभा, शोभायात्रा, जुलूस नहीं करेंगे। जिला मजिस्ट्रेट ने विभिन्न दिशानिर्देशों के साथ पत्र जारी कर दिया है।

इधर डूंगरपुर जिले में बुधवार काे इंटरनेट बंद रहा। संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने बुधवार काे आदेश जारी कर आगामी 24 घंटे के डूंगरपुर जिला समेत 6 जिलाें में इंटरनेट सेवा काे बंद कर दिया है। इंटरनेट सेवा बंद हाेने से ऑनलाइन से जुड़े कार्य प्रभावित हाे गए। ऑनलाइन से जुड़े जरुरी कार्य के लिए यहां वहां भटकते दिखे।

खुली दुकानें बंद करवाई, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
बंद को देखते हुए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इस दौरान शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे। हत्याकांड के विरोध में हिंदू संगठन बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों से जुड़े लोग गेपसागर की पाल पर एकत्रित हुए।

इसके बाद विरोध जताते हुए बाजार में खुली कुछ दुकानें भी बंद करवा दी। पुराना शहर, मुख्य बाजार, अस्पताल रोड समेत सभी जगहों पर दुकानें बंद रही। पुराने शहर में कई जगह पर सशस्त्र जवान भी लगाए गए हैं। बाइक रैली के जरिये युवाओं ने शहर में राउंड करते हुए कुछ खुली दुकान काे बंद करवाने का आग्रह किया। इस दाैरान इनके साथ पुलिस टीम माैजूद रही।

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