आईएमडी का दावा:27 मई को केरल में मानसून का प्रवेश संभावित, प्रदेश में वागड़ के रास्ते आएगा, नौतपा में आएगा प्री-मानसून, 18 जून से बारिश की संभावना

डूंगरपुर2 दिन पहले
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शाम को आसमान में छाए बादल। - Dainik Bhaskar
शाम को आसमान में छाए बादल।

भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि 25 मई को सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही अति भीषण गर्मी के दिन नौतपा शुरू हो जाएंगे। नौ दिन तक धरती सबसे ज्यादा तपेगी। अब राहत यह रहेगी कि नौतपा के दौरान ही अरब सागर से उठने वाला प्री-मानसून की बारिश राहत दे सकती है। जबकि बंगाली की खाड़ी से उठने वाला मुख्य मानसून भी इस साल एक हफ्ता पहले केरल की ओर से अपनी यात्रा शुरु कर देगा।

27 मई को इसके केरल पहुंचने तथा इसके 20-22 दिन बाद डूंगरपुर-बांसवाड़ा के रास्ते राजस्थान में प्रवेश हो सकता है। इस तरह की भविष्यवाणी आईएमडी यानी भारतीय मौसम केन्द्र नई दिल्ली ने किया है। इस साल मानसून निर्धारित समय 25-26 जून से एक हफ्ता पहले 16 से 18 जून के बीच आ सकता है। जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि भारतीय मौसम केन्द्र नई दिल्ली ने इस बार केरल में 27 मई को मानसून के आने संभावना है।

जब केरल में मानसून एंट्री करता है तो वहां से राजस्थान की सीमा तक आने में औसतन 20-22 दिन का समय लगता है। अभी राजस्थान में मानसून कौन से दिन आएगा ये कहना जल्दबाजी होगी। मानसून के आने की निर्भरता उस समय की वातावरण और हवाओं की स्थिति पर रहती है। साल 2021 में बांसवाड़ा के रास्ते मानसून 18 जून को प्रवेश किया था, जो सामान्य तारीख 25 जून से एक सप्ताह पहले आ गया था।

इस साल भी राजस्थान के लगभग सभी शहरों में मानसून तय समय से एक सप्ताह पहले आ सकता है। इस साल मानसून सीजन (जून से सितंबर) में सामान्य बारिश (96-104 फीसदी) होने की संभावना जताई है। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, भरतपुर, अलवर, झुंझुनूं, जयपुर, दौसा, धौलपुर, बारां, बूंदी, और टोंक में सामान्य से थोड़ी अधिक तथा उत्तर-पूर्वी हिस्से के बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर और चूरू बेल्ट में बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है।

इस बार ज्यादा बारिश के संकेत
पिछले साल 2021 में राजस्थान में मानसून की स्थिति देखे तो यह सामान्य रही थी। पूरे राज्य में बरसात औसत से 17 फीसदी अधिक हुई थी। मौसम केंद्र जयपुर ने राजस्थान को दो हिस्सों (पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान) में बांट रखा है। पश्चिमी राजस्थान में साल 2021 में बारिश सामान्य से अधिक रही यानी यहां बारिश औसत से 20 फीसदी ज्यादा रही, जबकि पूर्वी राजस्थान में सामान्य (औसत से 16 फीसदी अधिक)। सिरोही, गंगानगर, पाली, जालौर, उदयपुर और डूंगरपुर में साल 2021 में बारिश औसत से कम हुई थी। डूंगरपुर की औसत बारिश 750 एमएम की तुलना में करीब 550 एमएम हुई थी।

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