फर्जीवाड़ा:पालमांडव पीएचसी प्रभारी ने एपीओ होने के 5 दिन बाद संस्थान के खाते से निकाले ~1 लाख 70 हजार

डूंगरपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

पाल मांडव पीएचसी प्रभारी डॉ. रजोश खराड़ी ने एपीओ के 5 दिन बाद संस्थान के खाते से नियम विरूद्ध 1 लाख 70 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया है। इनको एपीओ करने के बाद बीसीएमएचओ कार्यालय डूंगरपुर ब्लॉक में हाजिरी देनी थी, जो कि नहीं दी गई।

बीसीएमएचओ डूंगरपुर ने जब पाल मांडव पीएचसी के बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसमें इनके द्वारा राशि निकालने का खुलासा हुआ। यह राशि एकल हस्ताक्षर कर 7 चैकों के माध्यम से निकाली गई है, जबकि लेखाकार को इसका पता ही नहीं हैं। बीसीएमएचओ ने सीएमएचओ कार्यालय को स्थिति से अवगत कराकर कमेटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है।

बता दें, पालमांडव पीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश खराड़ी के खिलाफ गत माह उज्जैन जिले के एक थाने में एक महिला द्वारा शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था। उज्जैन पुलिस की ओर से प्राप्त एफआईआर और विभागीय कार्यवाही करने का पत्र मिला था।

इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय के आदेश पर डॉ. खराड़ी को डूंगरपुर बीसीएमएचओ डॉ. जयेश परमार ने गत 23 सितंबर को एपीओ करते हुए डूंगरपुर ब्लॉक कार्यालय पर हाजिरी देने पाबंद किया था। लेकिन डॉ. खराड़ी लगातार अनुपस्थित बने रहे। उधर, अपने पीएचसी पालमांडव से भी गत 11 सितंबर से लगातार अनुपस्थित चल रहे थे।

28 सितंबर को आरएमआरएस पाल मांडव के बैंक खाते से 1 लाख 70 हजार रुपए की राशि निकलने का पता चला तो बीसीएमएचओ डॉ. जयेश परमार ने तत्काल बैंक स्टेटमेंट निकलवाते हुए जांच की तो पाया कि डॉ. खराड़ी के हस्ताक्षरों के चैकों के जरिए यह राशि निकाली गई है।

डॉ. जयेश परमार ने बताया कि डॉ. राजेश खराड़ी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पाल मांडव 11 सितंबर से बिना हस्ताक्षर के अनुपस्थित चल रहे थे। अनुपस्थित रहने के बाद उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने की शिकायत को देखते हुए सीएमएचओ कार्यालय से मिले अग्रिम आदेशों तक बीसीएमएचओ कार्यालय डूंगरपुर में उपस्थिति देने के लिए 23 सितंबर से आदेशित किया था। लेकिन उपस्थिति नहीं दी गई।

इस दौरान खंड कार्यालय को सूचना मिलने पर आरएमआरएस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पाल मांडव के बैंक खाते का बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर चैक संख्या 000031 से 000036 तक तथा 39 की कुल राशि 1 लाख 70 हजार स्वयं द्वारा एकल हस्ताक्षर से नकद आहरण करना पाया गया। जो कि नियम विरूद्ध है। खंड कार्यालय द्वारा उक्त खाते पर अग्रिम कार्यवाही होने तक आहरण पर रोक लगा दी गई है।

खबरें और भी हैं...