15 मई से कर सकेंगे आवेदन:150 एमबीबीएस छात्रों काे रेजीडेंट ब्लॉक के हॉस्टल में शिफ्ट करेंगे

डूंगरपुर5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

मेडिकल कॉलेज में पूर्व प्रिंसिपल द्वारा हाॅस्टल सुविधा से बाहर निकाले 150 से अधिक छात्रों को फिर कॉलेज के अंदर लाया जाएगा। इन छात्रों ने प्रिंसिपल डॉ. महेश एम पुकार से मिलकर बाहर आ रही परेशानियों से अवगत कराते हुए अंदर आने की इच्छा जताई है। प्रिंसिपल ने इन छात्रों के लिए खाली पड़े रेजीडेंट ब्लॉक को व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है। अंदर आने के लिए छात्रों से 15 मई से हाॅस्टल के आवेदन के लिए जाएंगे, 20 मई से इनको अंदर रहने की सुविधा दे दी जाएगी।

प्रिंसिपल डॉ. पुकार ने बताया कि छात्रों ने परेशानी बताई और कहा कि पूर्व प्रिंसिपल डॉ. श्रीकांत असावा ने उनको अंदर के हॉस्टलों में जगह होने के बावजूद नेशनल मेडिकल काउंसिल यानी एनएमसी के नॉर्म्स बताकर बाहर निकाल दिया था। नाॅर्म्स के अनुसार कॉलेज के हॉस्टल में 60 प्रतिशत छात्रों को ही रखना होता है, जबकि 40 प्रतिशत छात्रों को अपने स्तर से निजी हॉस्टलों में रहकर पढ़ाई करनी होती है।

-तीन निजी हॉस्टलों में रह रहे, दो में तो भोजन सुविधा नहीं है, 12 किमी दूर जाना पड़ता है
150 से ज्यादा छात्र तीन निजी हॉस्टलों में रह रहे हैं। इनमें से एक हॉस्टल में तो भोजन की सुविधा है लेकिन अन्य दो हॉस्टलों में सिर्फ रहने की सुविधा है। भोजन के लिए छात्रों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई मर्तबा तो थाणा गांव से करीब 12 किमी दूर डूंगरपुर शहर में आकर भोजन करना पड़ता है। समय से कॉलेज पहुंचकर लेक्चर अटेंड करने से ज्यादा जरूरी तो इनके लिए भोजन के लिए होटल खोजना रहता है। अनेक छात्रों ने इस तरह की कई परेशानियां प्रिंसिपल डॉ. पुकार को बताई।

भास्कर ने किया था निजी हाॅस्टल को फायदा देने और छात्रों को परेशान करने का खुलासा
पूर्व प्रिंसिपल द्वारा कॉलेज के बाहर बने निजी होस्टलों को फायदा देने के लिए अंदर बने होस्टलों में जानबूझकर बिजली-पानी की समस्या पैदा करने का खुलासा दैनिक भास्कर ने किया था। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी ने इसे गंभीरता से लेते हुए डूंगरपुर के जिला प्रशासन से जब तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगाई तो इनमें प्रिंसिपल गंभीर लापरवाहियों उजागर हुई। इसके बाद राजमेस ने डॉ. श्रीकांत असावा का मेडिकल कॉलेज चुरु के लिए स्थानांतरण कर दिया और चुरु के प्रिंसिपल डॉ. महेश पुकार को डूंगरपुर भेजा। डॉ. पुकार मेडिकल कॉलेज का प्रभार संभालने के बाद होस्टल सुविधाओं को व्यवस्थित करने में जुटे हैं।

कॉलेज के अंदर 600 छात्र रह सकते हैं: पुकार
प्रिंसिपल डॉ. महेश एम पुकार ने बताया कि अभी करीब 120 छात्र बाहर रह रहे हैं। इन सभी छात्रों को अंदर लिया जाएगा। कॉलेज के अंदर 600 छात्रों को रखने की सुविधा है, हालांकि छात्रों के लिए जो हॉस्टल बने हैं उनमें तो करीब 300 छात्र ही रह सकते हैं लेकिन नॉन टीचिंग ब्लॉक और रेजीडेंट ब्लॉक खाली पड़े हैं। एक बैच को नॉन टीचिंग ब्लॉक में रहने की सुविधा दी है, अभी रेजीडेंट ब्लॉक खाली पड़ा है। हम इन छात्रों को रेजीडेंट ब्लॉक में रखेंगे। कॉलेज के अंदर सुव्यवस्थित मैस भी है। रही नियमों की बात तो जब ऐसी स्थिति आएगी उस समय देखेंगे, अभी इनको राहत देना पहली प्राथमिकता है।

खबरें और भी हैं...