ससुराल वालों ने बेटा नहीं लौटाया तो खाया जहर:चाचा ससुर की दुकान पर गटकी सल्फास की गोलियां, अस्पताल में भर्ती

हनुमानगढ़22 दिन पहले
ससुराल पक्ष की ओर से बेटा नहीं लौटाने से परेशान एक युवती ने शुक्रवार रात को सल्फास की गोलियां खाकर सुसाइड का प्रयास किया।

ससुराल पक्ष की ओर से बेटा नहीं लौटाने से परेशान एक युवती ने शुक्रवार रात को सल्फास की गोलियां खाकर सुसाइड का प्रयास किया। उसे गम्भीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया। गनिमत रही कि युवती की जान बच गई। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। टाउन की सोनी मार्केट स्थित एक दुकान के बाहर युवती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव होकर सल्फास की गोलियां गटक ली।

बताया जा रहा है कि सोनी मार्केट स्थित जिस दुकान के आगे युवती ने जहरीली गोलियां खाई वह दुकान उसके चाचा ससुर की है। अस्पताल में मौजूद पीड़िता निशु की मां शमां रानी पत्नी महेन्द्र पाल निवासी मलोट पंजाब ने बताया कि उसकी बेटी निशु के सास-ससुर ने निशु के बेटे को जबरन अपने पास रखा हुआ है। निशु के पति विक्की निवासी हनुमानगढ़ टाउन की करीब नौ माह पहले मौत हो चुकी है। ससुराल पक्ष के लोग निशु को उसके बेटे से मिलने भी नहीं देते। निशु अपना बेटा वापस लेने की मांग कर रही है। वह अपने बेटे के बगैर नहीं रह सकती। उसकी बेटी करीब सात माह से दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही।

वह कई बार सुसाइड करने की बात कह चुकी थी। शमां रानी के अनुसार शुक्रवार रात उसे फोन पर सूचना मिली कि निशु ने जहर का सेवन कर लिया है। इस पर वह शनिवार सुबह अस्पताल पहुंची। निशु की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। निशु की मां ने निशु के बेटे को दिलवाने की गुहार प्रशासन से लगाई। साथ ही कहा कि अगर उसकी बेटी के साथ कोई अनहोनी घटित होती है तो इसकी जिम्मेवारी निशु के ससुराल पक्ष के सतीश कुमार, चाचा ससुर सतपाल, अशोक कुमार, निशु के ससुर दर्शन कुमार की होगी। पुलिस ने दो दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई नहीं कही है।

टाउन थानाप्रभारी एसआई शालू बिश्नोई ने बताया कि सूचना मिलते ही टाउन पुलिस हॉस्पिटल पहुंची थी, लेकिन तब महिला बोल नहीं पा रही थी। शनिवार शाम को पुलिस को सूचना मिली कि वो 6:30 बजे के करीब छुट्टी लेकर अपनी मां के साथ चली गई है, लेकिन रात 9 बजे फिर से अस्वस्थ बताती हुई भर्ती हुई है। अभी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कि गई है।