ज्ञापन सौंपा:सड़क निर्माण रुकवाने पर ग्रामीणों में आक्राेश, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

26पीबीएन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुसार 24 पीएन-ए से 36 एसटीजी ए रामपुरा तक 5.5 किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई। मिसिंग लिंक सड़क का निर्माण रुकवाने की अनुशंसा करने पर ग्रामीणों में कांग्रेस नेता विनोद गोठवाल के प्रति गुस्सा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। एक ज्ञापन प्रभारी मंत्री गोविंद मेघवाल व जिला प्रमुख कविता मेघवाल को सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा पीलीबंगा की ग्राम पंचायत 27 पीबीएन के गांव 24 पीबीएन-ए से 36 एसटीजी ए रामपुरा ग्राम पंचायत को जोड़ने वाला कच्चे रास्ते को पक्की सड़क बनवाने को लेकर ग्रामीण कई वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर रहे थे। बजट घोषणा में 36 एसटीजी-ए रामपुरा से 24 पीबीएन-ए तक साढ़े 5 किलोमीटर की 1.80 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। पीलीबंगा विधानसभा से कांग्रेस से पीसीसी सदस्य विनोद गोठवाल द्वारा जिला कलेक्टर को अनुशंसा की गई की बिंदु नंबर 4 से मैं सहमत नहीं हूं। इस रास्ते के पक्का होने से आमजन को कोई लाभ नहीं होगा। यह व्यक्ति विशेष लाभ देता है। मिसिंग लिंक सड़क ना बनने से यह होगा नुकसान: ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि यदि यह मिसिंग लिंक सड़क नहीं बनेगी तो 3 ग्राम पंचायतों के लोग आपस में मिलजुल नहीं सकेंगे। इसी रास्ते से 8 गांव के मजदूर सूरतगढ़ एयर फोर्स व छावनी में मजदूरी करने रोजाना जाते हैं। उनको भारी परेशानी होती है। रेलवे स्टेशन रामपुरा रंग महल पर 8 गांव के ग्रामीण इसी रास्ते से होकर जाते हैं। रामपुरा गांव में बैंक, सहकारी समिति, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित अनेक सुविधाएं होने से ग्रामीणों को इसी कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। इससे भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की। ज्ञापन देने वालों में सुरेंद्र भद्रवाल पूर्व डायरेक्टर, वार्ड पंच राकेश सुथार, भूपेंद्र रिवाड़ीया, गौरी शंकर मेघवाल, दिलीप लेगा, बीरबल सुथार, हंसराज सुथार, सतपाल, सुभाष वर्मा, चंद्रभान कटारिया सहित ग्रामीण मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...