सरकारी स्कूल को क्रमोन्नत करने की मांग:बच्चों को पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है 20 किलोमीटर दूर

हनुमानगढ़3 महीने पहले
एसएफआई ने पीलीबंगा विधायक से मिलकर नूरपुरा गांव के स्कूल को क्रमोन्नत करनी की मांग की।

हनुमानगढ़ के पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र के नूरपुरा गांव में 8वीं क्लास तक सरकारी स्कूल है। इसके बाद गांव के बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्र जाना पड़ता है। ऐसे में कई छात्राओं की पढ़ाई छूट जाती है। अब एसएफआई ने पीलीबंगा विधायक से मिलकर नूरपुरा गांव के स्कूल को क्रमोन्नत करनी की मांग की है।

एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नूरपुरा को क्रमोन्नत करने की मांग को लेकर पीलीबंगा विधायक धर्मेंद्र मोची से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। एसएफआई के पूर्व तहसील अध्यक्ष हरीश नोखवाल ने कहा कि 8वीं क्लास तक स्कूल होने के कारण गांव के कई बच्चे-बच्चियां 10वीं और आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। स्कूल में करीब 320 बच्चों का एडमिशन होने के बाद भी अभी तक क्रमोन्नत नहीं किया गया है। आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को गांव से 10-20 किलोमीटर दूर शहर जाना पड़ता है। ऐसे में कई लड़कियां 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया है, लेकिन यह सिर्फ नारा ही प्रतीत होता है। एसएफआई की आरती ने कहा कि गांव के स्कूल को क्रमोन्नत करने पर गांव के बच्चे-बच्चियां अच्छे से पढ़ सकेंगे और अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे। इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्कूल को क्रमोन्नत नहीं किया गया तो सभी ग्रामवासियों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने के दौरान नेता हरीश नोखवाल, सुशील कुमार, रोशन वर्मा, रोहतास बारूपाल, प्रभु सिंह राजपूत, आरती, रेखा, विनोद, अजय, नेहा, मनीषा, सुशील, राकेश, सोनू और स्कूल के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।