हाइवे पर रिडकोर ने 1713 काटे, आधे भी नहीं लगाए:तीन गुना पेड़ लगाने का दावा कर भुगतान उठाया, कोर्ट ने 23 तक मांगी रिपोर्ट

नोहर18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

रावतसर से भादरा तक बने मेगा हाईवे पर पेड़ लगाने के मामले में कोर्ट ने 23 सितम्बर तक रिपोर्ट मांगी है। हाईवे के निर्माण के दौरान 1713 पेड़ काटे गए थे। जिनकी एवज में रिडकोर को तीन गुणा पेड़ लगाने थे, लेकिन आधे पेड़ भी नहीं लगाए। जबकि तीन गुणा पेड़ लगाने का दावा कर भुगतान उठा लिया।

इस संबंध में एडवोकेट मुरारीलाल चौमवाल, एडवोकेट रविन्द्रसिंह राजपूत, एडवोकेट रोहिताश सिहाग ने सार्वजनिक जनहित दावा न्यायालय में पेश किया। सिविल न्यायाधीश चंद्रशेखर पारीक के समक्ष लागए गए दावे में बताया गया हैं कि पेड़ लगाने के मानक पूरे नहीं होने पर रिडकोर नियम के अनुसार टोल वसूल नहीं कर सकता। इसके बावजूद भी रिडकोर द्वारा निरंतर टोल वसूला जा रहा हैं। रिडकोर को नीम, अमलताश, जारकंडा, करज, शीशम, सरस, गुलमोर, संजना, पीपल, कदाम्ब, पापड़ी आदि के वृक्ष लगाने थे।

मामले को लेकर न्यायाधीश चंद्रशेखर पारीक द्वारा एडवोकेट सुरेश कुमार सुथार व एडवोकेट ओम प्रकाश सहु को कमीश्रर नियुक्त किया गया। दोनों कमीश्वरों को मौके पर जाकर सम्पूर्ण वस्तुस्थिति से न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिये गए। दोनों कमीश्ररों ने थालड़का से गोगामेड़ी तक सड़क के दोनों ओर लगे विभिन्न वृक्षों को लेकर मौके पर जाकर वस्तुस्थिति देखी। इस अवसर पर वन विभाग व रिडकोर के अधिकारी भी मौजूद थे। दोनों कमीश्रर 23 सितम्बर को वस्तुस्थिति की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेगें। न्यायालय द्वारा इस संबंध में वन विभाग को भी नोटिस भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिये गये हैं।

खबरें और भी हैं...