सोने का चोला चढ़ाया:मेहंदीपुर बालाजी महाराज का अभिषेक कर सोने का चोला चढ़ाया

मेहंदीपुर बालाजीएक महीने पहले
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  • आरती कर लगाया मेवा-मिष्ठान का भोग, दर्शनों के लिए भक्तों की कतारें लगीं

भारतवर्ष के प्रसिद्ध आस्था धाम नगरी घाटा मेहंदीपुर बालाजी में दीपावली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्री बालाजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्री बालाजी मंदिर सहित आस्था धाम पर विशेष सजावट करवाई गई, जिससे श्री बालाजी मंदिर परिसर रंगबिरंगी रोशनी से जगमग उठा।दीपों के त्योहार दीपावली पर्व दीपोत्सव पर स्वयंभू श्री बालाजी महाराज की प्रतिमा को पंचामृत स्नान कराकर अभिषेक किया गया एवं कुमकुम लगा कर सोने का चोला चढ़ाया गया एवं सुबह आरती के बाद मेवा मिष्ठान का भोग लगाया गया।

दीपावली पर्व पर श्री बालाजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्री बालाजी मंदिर के महंत नरेश पुरी महाराज द्वारा श्री बालाजी महाराज की विशेष पूजा अर्चना की गई। पूजा अर्चना के बाद दीपावली पर्व पर करौली एवं दोसा जिला देहात क्षेत्रों सहित राजस्थान प्रांत के हजारों श्रद्धालु भक्तों ने श्री बालाजी महाराज के दर्शन किए।बाला सागर आस्था धाम स्थित विलास गोविंद भगवान मंदिर पर शुक्रवार को गोवर्धन पर्व के पावन पर्व पर श्री विलास गोविंद भगवान की मनोरम झांकी सजाई गई। सायंकाल आरती के बाद कड़ी बाजरे का भोग लगाया गया। आरती के बाद श्रद्धालु भक्तों ने विलास गोविंद भगवान के जयकारे लगाए जिससे बाला सागर आस्था धाम गुंजायमान हो रहा था।

श्री विलास गोविंद भगवान मंदिर के महंत मनीष दास जी महाराज द्वारा पूजा अर्चना की गई एवं श्रद्धालु भक्तों ने महंत जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने पंगत लगाकर कड़ी बाजरे की प्रसादी ग्रहण की एवं पटाखे चलाए, जिससे बाला सागर धाम धड़ाम धड़ाम की आवाज से गूंज रहा था।घाटा मेहंदीपुर बालाजी आस्था धाम सहित आसपास के क्षेत्रों में दीपावली गोवर्धन एवं भैया दूज पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। पांच दिवसीय दीपों का त्योहार दीपावली पर्व पर क्षेत्र में खुशी एवं हर्षोल्लास का माहौल देखा गया। धनतेरस पर्व से भैया दूज तक क्षेत्र के लोगों में त्योहारों को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। धनतेरस पर्व पर बर्तन सोने चांदी का सामान सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीदी तथा जानवरों को विशेष सामान पहनाकर सजावट की गई एवं रंग बिरंगी रोशनी करने से क्षेत्र में दीपावली पर्व पर रोशनी की गंगा बह गई।

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