बांदीकुई की अजीबोगरीब परंपरा:मकर सक्रांति पर पतंगबाजी नहीं बल्कि जुआ खेलकर लोग करते हैं मनोरंजन

बांदीकुई4 महीने पहले
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मकर सक्रांति पर अधिकांश जगह लोग पतंगबाजी कर इस त्योहार पर अपना मनोरंजन करते हैं। लेकिन बांदीकुई में इस पर्व पर एक अजीबो-गरीब परम्परा वर्षों से चली आ रही है। यहां लोग पतंगबाजी नहीं जुआ खेलकर अपना मनोरंजन करते हैं।

मकर सक्रांति के पर्व पर वर्षों से चली आ रही इस परम्परा को पूरा करने के लिए लोग सुबह से ही अपने-अपने गोपनीय ठिकाने पर चले जाते हैं। पुलिस को जुए की भनक न लगे, इसके लिए एक खबरी भी तैनात कर देते हैं, जो उन्हें पुलिस के आने की सूचना देता है। स्थानीय निवासी 75 वर्षीय कैलाश शर्मा ने बताया कि जब से उन्होंने होश संभाला है तब से वे बांदीकुई में मकर सक्रांति पर जुए के खेल को देखते आ रहे हैं।

लाखों रुपए का खेला जाता है जुआ

मकर सक्रांति पर लोग अपना मनोरंजन पूरा करने के लिए लाखों रुपए तक का जुआ खेलते हैं। ताश पत्तों से खेले जाने वाले इस खेल में लोग ऐसे रम जाते हैं कि सुबह से शाम हो जाती है।

बुजुर्ग से लेकर युवा करते हैं अपना शौक पूरा

इस त्योहार पर जुआ खेलने में उम्र का कोई बंधन नहीं है। इस शौक को बुजुर्ग से लेकर युवा पूरा करते हैं। जुआ खेलने के दौरान बुजुर्ग व युवाओं की अलग-अलग टीमें रहती हैं।

दो दिन में पकड़े 10 जुआ खेलने वाले

हांलाकि, जुआ एक अपराध है और इसे रोकने के लिए पुलिस भी दिनभर मशक्कत करती हैं। जैसे ही मकर सक्रांति का पर्व नजदीक आता है, पुलिस पहले से ही एक्टिव हो जाती है। शहर में जुआं खेलने वाले ठिकानों पर विशेष नजर रखा जाता है। क्षेत्र में त्योहार से दो दिन पहले ही पुलिस अभी तक करीब 13 जुआ खेलने वालों को पकड़ा है। जिनके पास से लगभग 40 हजार रुपए से अधिक बरामद हो चुके हैं।

किसी भी सूरत में नहीं खेलने दी जाएगी जुआ

थाना प्रभारी सुगन सिंह राठौड़ ने बताया कि बांदीकुई में जुआं खेलने का शौक एक सामाजिक बुराई है। हमने पुलिस टीमें तैनात कर दी हैं। सिविल वर्दी में भी शहर में पुलिस तैनात रहेगी। किसी भी सूरत में जुआं के इस अपराध को नहीं होने दिया जाएगा।

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