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अटकी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति:कोरोना के चलते दो साल से अटकी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति

बनेठा5 दिन पहले
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श्रम विभाग की अनदेखी के कारण उपतहसील मुख्यालय सहित आसपास के गांवों के श्रमिक कार्ड धारी लोगों के विद्यार्थियों की पिछले दो वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । कोरोना महामारी को लेकर श्रम विभाग द्वारा आगे से बजट उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाकर बच्चों को छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं कराई जा रही है वहीं दूसरी ओर प्रतिवर्ष श्रमिकों के बच्चो द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन आवेदन ई मित्र पर किए जा रहे हैं। इस वर्ष भी पोर्टल पर आवेदन करना शुरू कर दिया गया है। मगर हर वर्ष छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि श्रमिक कार्ड धारी माता-पिता के बच्चों के लिए श्रम विभाग द्वारा छात्रवृत्ति योजना प्रारंभ की गई थी। जिसका भुगतान श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड धारी महिला के खाते में ही ऑनलाइन जमा किया जाता है मगर पिछले दो वर्ष से कई बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण वे श्रम कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं मगर वहां भी अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है जिससे श्रमिकों में श्रम विभाग के अधिकारी के प्रति रोष व्याप्त है ।

राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत होने पर सरल योजना संचालित कर प्रति वर्ष छात्रवृत्ति देने की योजना शुरू की गई थी जिसमें सभी श्रमिकों को जनकल्याणकारी योजना का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने का आव्हान किया गया था मगर उक्त योजनाओं का लाभ कुछ ही लोगों को मिल पा रहा है।

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