लॉटरी:बस्सी में महात्मा गांधी स्कूल के लिए लॉटरी, सुविधाओं की कमी, फिर भी उमड़ी भीड़

बस्सी13 दिन पहले
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  • दाखिले के लिए चार गुना आवेदन, स्टाफ की कमी व संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है स्कूल

महात्मा गांधी स्कूल में प्रवेश को लेकर अभिभावकों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। शनिवार को स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक प्राप्त 449 आवेदनों में से 105 सीटों पर प्रवेश के लिए लॉटरी निकाली गई। रविवार को इन चयनित विद्यार्थियों की सूची स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। उसके बाद आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के बाद विभाग द्वारा निर्धारित तिथि से नए शैक्षणिक सत्र का प्रारम्भ कर दिया जाएगा।
प्रधानाचार्या कंचन असारसा के अनुसार विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दो मई से दस मई तक विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए थे। जांच के बाद योग्य आवेदनों की लॉटरी शनिवार को स्कूल परिसर में सीबीईओ जयनारायण मीणा, एसडीएमसी सदस्यों, स्कूल स्टाफ व अभिभावकों की मौजूदगी में निकाली गई।
चार गुना आवेदन आए
विद्यालय में कुल 105 सीटों के मुकाबले 449 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सर्वाधिक पहली कक्षा की साठ सीटों के लिए 137 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं दूसरी की दो सीटों के लिए 39, तीसरी की दो सीटों के लिए 59, चौथी की पांच सीटो के लिए 58, छठी की 11 सीटों के लिए 52, सातवीं की 17 सीटों के लिए 34 तथा आठवीं की आठ सीटो के लिए 23 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं पांचवी कक्षा में कोई सीट खाली ना होेने के बावजूद पांचवी कक्षा में प्रवेश के लिए 47 आवेदन दाखिल किए गए।

ना पर्याप्त स्टाफ, फिर भी अभिभावकों में क्रेज
सरकार द्वारा मॉडल स्कूल के रूप में इन महात्मा गांधी स्कूल्स की स्थापना की गई थी। शुरूआत में इन स्कूल्स में स्टाफ आदि के चयन में भी क्वालिटी का विशेष ध्यान रखा गया। लेकिन बाद में लोगो के क्रेज व राजनीतिक दखल के चलते इन स्कूलों में सेक्शन में बढोतरी करते हुए सभी कक्षाओं मेें प्रवेश दे दिए गए। वहीं विभाग द्वारा शैक्षणिक स्टाफ व सुविधाओं में कोई बढोतरी नहीं की गई। ऐसे में बस्सी स्थित महात्मा गांधी स्कूल में वर्तमान में दो पारियों में स्कूल का संचालन करना पड़ रहा है। स्टाफ की कमी के चलते प्रत्येक कक्षा में करीब साठ बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है। इसी के साथ स्कूल में कमरों की कमी के चलते भी परेशानी उठनी पड़ रही है।

अधिकारियों को स्टाफ की कमी के बारे में भी अवगत करा दिया
वर्तमान में नामांकन को देखते हुए स्कूल में पर्याप्त स्टाफ व इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है, ऐसे में हमें मजबूरन दो पारियों में स्कूल चलाना पड़ रहा है। हमने उच्च अधिकारियों को स्टाफ की कमी के बारे में भी अवगत करा दिया है।
- कंचन असारसा, प्रधानाचार्या, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बस्सी

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