लाकावास बांध पर चली चादर:लोगों के लिए बना पिकनिक स्पॉट, परिवार सहित पहुंच रहे

चाकसू4 महीने पहले

चाकसू के शीतला गांव के पास स्थित लाकावास बांध लबालब भरने से सालों बाद फिर से चादर चलने लगी है। बांध की सिढ्ढीनुमा चादर से गिरता पानी किसी अद्भुत नजारे से कम नही है। चादर पर बने 7 गेट से करीब 25 फीट नीचे गिरता पानी लोगों के लिए पिकनिक स्पॉट बन गया है। पिछले दो दिनों से शुरू हुई बांध की चादर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जयपुर सहित आसपास के लोग बांध का नजारा देखने आना शुरू हो गए है। बुधवार को भी दिनभर बांध की चादर में बड़ी संख्या में लोगों ने नहाने का लुत्फ उठाया।

परिवार सहित पहुंच रहे लोग

जयपुर सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित बाध की चादर में नहाने आ रहे है, पिकनिक मना रहे हैं। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। लोगों के अनुसार जयपुर के आसपास में ऐसा खूबसूरत नजारा नहीं है।

दो साल बाद दिखा नजारा

करीब एक किमी के फैलाव वाले लाकावास बांध मे 2019 में भी लबालब पानी भरने के बाद चादर चली थी। इस बार फिर तीन साल बाद बांध की चादर से निकलता पानी लोगो के लिए आकर्षक का केंद्र बन गया है। वर्षों पुराने लाकावास बांध की गहराई कम है, लेकिन फैलाव अधिक होने की वजह से इसमें तेज बारिश होने पर ही पानी भराव होता है। चादर नीची होने के कारण ज्यादा दिनों तक पानी रूकता नहीं है। बांध मे जयपुर सहित आसपास के इलाकों मे तेज बारिश होते ही पानी की आवक शुरू हो जाती है, वहीं लबालब भरने के बाद करीब 100 मीटर लम्बी चादर से पानी नीचे गिरने लगता है।

चन्दलाई बांध से आ रहा है पानी

क्षेत्र के चन्दलाई बांध का ओवर फ्लो ही लाकावास बांध मे पानी की आवक का मुख्य स्रोत है। चन्दलाई बाध मे जयपुर शहर से निकलने वाले पानी की आवक बढ़ते ही ओलर फ्लो शुरू हो जाती जो पानी चाकसू के डूगरी बांध व लाकावास बांध में आता है।

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