अतिक्रमण:गाेचर भूमि पर अतिक्रमण ग्रामीणों व पशुपालकों में रोष

चौमू2 महीने पहले
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मंमाणा पंचायत मुख्यालय पर स्थित गोचर भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण करने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। अगस्त 2015 में तत्कालीन सरपंच रामा वतार छापरिया द्वारा संपूर्ण गोचर भूमि का सीमा ज्ञान कराकर ग्रामीणों की आर्थिक सहयोग से जेसीबी मशीन द्वारा मेड बंदी कर दी गई थी। परंतु पिछले 6 सालों में फिर से अतिक्रमणकारियों द्वारा मेड को मिटाकर फसलें बोई जा रही है ।जिसके चलते आज स्थिति यह हो गई है कि गोचर भूमि में पशुओं के जाने के लिए रास्ता तक उपलब्ध नहीं है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों व पशुपालकों ने पहले भी कई बार पंचायत व राजस्व विभाग को अवगत करवा दिया परंतु समस्या का समाधान नहीं हुआ जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

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