खटारा दमकल के भरोसे 400 से ज्यादा फैक्ट्रियां:कालाडेरा इंडस्ट्रियल एरिया में 3 महीने से खराब फायर ब्रिगेड की गाड़ी, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

चौमूंएक महीने पहले
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रीको एरिया में खड़ी खटारा दमकल की गाड़ी। - Dainik Bhaskar
रीको एरिया में खड़ी खटारा दमकल की गाड़ी।

चौमूं उपखंड के कालाडेरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में 400 से अधिक फैक्ट्रियां स्थापित है। इन फैक्ट्रियों में हजारों मजदूर काम करते हैं। कुछ फैक्ट्रियों में 24 घंटे भी चलती है और दिन-रात मजदूर काम करते नजर आते हैं। बड़ा रीको एरिया होने के बाद भी यहां आग लगने पर उसे बुझाने के लिए एक ही दमकल है। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण यह दमकल भी बीते 3 महीनों से खराब है। अगर रीको एरिया में आग लगने की घटना होती है, तो चौमूं, जयपुर और रींगस से दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ेगी। उनके देरी से पहुंचने पर बड़ा हादसा होने की संभावना है। इस मामले को लेकर रीको एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार रीको प्रबंधन सहित उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

5 हजार लीटर क्षमता की दमकल भी खटारा
कालाडेरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में साल 2010 में करीब 5 हजार लीटर भराव क्षमता की दमकल गाड़ी शामिल की गई थी, लेकिन करीब तीन-चार महीने से यह दमकल भी खटारा होकर शोपीस की तरह खड़ी है। दमकल नहीं होने से फैक्ट्री संचालकों को हमेशा डर सताता रहता है कि फैक्ट्री में आग लगने की घटना होने पर चौमूं, रींगस, जयपुर से दमकल पहुंचेगी, तब तक फैक्ट्रियों में लाखों रुपए का नुकसान हो जाएगा।

रीको क्षेत्र में करीब 400 फैक्ट्रियां
कालाडेरा रीका इंडस्ट्रियल एरिया में 400 से अधिक फैक्ट्रियां स्थापित है। इनमें 3 पेपर मिल फैक्ट्री, 22 प्लाइवुड फैक्ट्री, 1 दर्जन से अधिक लकड़ी फैक्ट्री, सरिया फैक्ट्री, कपड़ा फैक्ट्री, कागज फैक्ट्री सहित अन्य फैक्ट्रियां संचालित है। जहां पर कई बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी है। कई बार दमकल के समय पर नहीं पहुंचने पर आग विकराल रूप ले लेती है और फैक्ट्री में रखा सामान जलकर राख हो जाता है। रीको एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रीको प्रबंधक को इस मामले में लेकर कई बार अवगत कराया और क्षेत्र में दो से अधिक दमकल गाड़ियां लगाने की मांग की है।

इनका कहना है
कालाडेरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में कम से कम 2 दमकल की गाड़ियां होनी चाहिए। लेकिन यहां पर एक दमकल है और वो भी कई महीनों से खराब पड़ी है। कई बार रीको अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ हैं। इसका खामियाजा कई बार फैक्ट्री संचालकों को भुगतना पड़ता है।
-बनवारी लाल शर्मा, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज डवलपमेंट एसोसिएशन, कालाडेरा