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  • Government Torture Is Bigger Than Winter; At Night's Temperature At 5 Degrees, There Is Not Even A Sheet blanket For The Mother newborn In The Hospitals.

भास्कर पडताल:सर्दी से बड़ा सरकारी सितम; रात का पारा 5 डिग्री पर अस्पतालों में मां-नवजात के लिए चादर-कंबल तक नहीं

चौमू2 महीने पहले
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  • प्रसूताओं के परिजन बोले : नर्सिंगकर्मियों से कहते हैं पर वे सुनते नहीं, नर्सिंगकर्मियों का जवाब- धुलने के लिए दी हुई हैं

बाबूलाल राठी | चौमूं ये दो केस यह बताने के लिए काफी है कि चौमूं इलाके के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल-सीएचसी में रात में 5 डिग्री सैल्सियस तापमान में कैसे रात बितानी पड़ रही है। आनेवाले दिनों में पारा और गिरेगा, पर इलाके के सबसे बड़े इस सरकारी अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को कंबल तो दूर बेड पर बिछाने के लिए चद्दर तक नहीं दी मिल रही। यहां भर्ती प्रसूताओं के लिए परिजन घर से बिछौना, बेडशीट, कंबल, दरी लेकर आते हैं।

इस अस्पताल में शहर के अलावा 30 किलोमीटर की परीधि में बसे गांवों के मरीज और प्रसूताएं भर्ती होते हैं। जब भास्कर रिपोर्टर ने अस्पताल के प्रसूता वार्ड में सर्दी से बचाव के इंतजाम देखे तो हकीकत सामने आई। प्रसूताओं के परिजनों ने बताया कि उन्हें घर से ही कंबल, दरी, बेडशीट लानी पड़ती है। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ को कहते हैं तो वे सुनते नहीं। प्रसूता वार्ड में करीब 30 बेड हैं, लेकिन उनमें से एक भी बेड पर अस्पताल की ओर से चादर नहीं बिछाई गई। प्रसुताओं को ना तो बेड पर बिछाने के लिए बेडशीट और ना ही सर्दी से बचाव के लिए ओढ़ने के लिए कंबल दे रखी थी, जबकि ऐसा नहीं है कि अस्पताल में बेडशीट और कंबल उपलब्ध नहीं हों।

कड़ाके की सर्दी के बावजूद अस्पताल के प्रसूता वार्ड में ओढ़ने-बिछाने की कोई व्यवस्था नहीं

केस 1 चौमूं के सरकारी अस्पताल-सीएचसी में भर्ती खेजरोली की प्रसूता कोयलदेवी के पति बबलेश की सुनिए..कड़ाके की सर्दी के बावजूद अस्पताल के प्रसूता वार्ड में ओढ़ने-बिछाने की कोई व्यवस्था नहीं है, अस्पतालकर्मी आते हैं और दवा देकर चले जाते हैं। कई बार आग्रह किया पर उन्होंने नहीं सुना। घर से ही ओढ़ने-बिछाने का सामान लाना पड़ा।

केस 2 चारणवास की प्रसूता सीमा भी चौमूं सीएचसी में भर्ती है। प्रसूता के साथ आई परिजन आशादेवी बताती हैं.. यहां स्टाफ को कई बार हमने कंबल और बेडशीट के लिए बोला, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कंबल और दरी घर से ही मंगवानी पड़ी।

घर से लानी पड़ रही दरी, गुदड़ी और कंबल

अस्पताल के वार्ड में भर्ती प्रसूताओं के साथ आए परिजनों का कहना था कि यहां पर काफी अव्यवस्थाएं हैं। प्रसुताओं को बेडशीट और ओढ़ने के लिए कंबल तक नहीं दी जाती। ऐसी अव्यवस्था तो कहीं भी नहीं है, जबकि यह इलाके का बड़ा अस्पताल है। घर से ही दरी, कंबल लाने पड़ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए।
धुलने के लिए भेजी हुई हैं बेडशीट्स
प्रसूता वार्ड में व्यवस्थाओं के जिम्मेदार सीनियर नर्सिंग ऑफिसर बुद्धिप्रकाश मीणा का कहना था कि बैड पर बिछाने वाली बेड शीट्स धोने के लिए धोबी के पास डाली हुई है। प्रसूताओं की ओर से यदि कंबल की मांगा जाएगा तो उन्हें दे दिया जाएगा।

120 से ज्यादा बेडशीट, 35 से अधिक कंबल उपलब्ध
नर्सिंग ऑफिसर सुनीता टांक से जब भास्कर टीम ने उपलब्धता के बारे में जानकारी ली तो सामने आया कि करीब 120 से ज्यादा सीट और करीब 35 से अधिक कंबल अस्पताल में उपलब्ध हैं।

सांभरलेक सीएचसी में 2 वॉर्मर काफी वक्त से खराब
सांभरलेक ग्रामीण. कस्बे के सरकारी अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए पर्याप्त वार्मर्स की व्यवस्था नहीं हैं। नवजात शिशुओं के लिए तीन वार्मर्स हैं जिनमें दो वार्मर काफी समय से खराब पड़े हैं। खराब वार्मर्स कब तक सही होंगे और उपयोग की स्थिति में होंगे, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।​​​​​​​

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