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चिकित्सा व्यवस्था ही बीमार:35 हजार की आबादी पर मात्र एक चिकित्सक

चौमू12 दिन पहले
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  • इटावा भोपजी की पीएचसी में उदयपुरिया, लोहरवाड़ा, अनंतपुरा, चिमनपुरा गांव के लोग निर्भर

सामोद ग्राम पंचायत इटावा भोपजी को आदर्श पीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नत करने की ग्रामीण पिछले 30 साल से मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए चौमू या जयपुर जाना पड़ता है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन उदयपुरिया, लोहरवाड़ा, अनंतपुरा, चिमनपुरा के उप स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाली करीब 35 हजार की आबादी उपचार के भरोसे हैं। जबकि यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होने से पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पास रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि व विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे।

ग्रामीण संतोष कुमार सैनी, मोहन बराला, अजय पलसानिया, पीएम गुर्जर, गौरी शंकर गुर्जर, गोपाल सिंह निर्वाण ने बताया कि क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत इटावा भोपजी में आसपास की कई पंचायतों के ग्रामीण उपचार के लिए आते हैं। विडंबना तो यह कि यहां पीएचसी में दो चिकित्सक नियुक्त है, लेकिन एक चिकित्सक डेपुटेशन पर है।

सरपंच ममता बराला ने बताया कि पीएचसी में क्षेत्र के दर्जनों गांवों व ढाणियों से लोग इलाज के लिए आते है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को चौमू या जयपुर का रुख करना पड़ता है। कई बार तो प्रसव के लिए भी प्रसूताओं को अन्यत्र जाना पड़ता है। दूर जाकर उपचार कराने पर मरीजों को आर्थिक नुकसान भी वहन करना पड़ता है।^चौमू विधायक रामलाल शर्मा ने सीएचसी में क्रमोन्नत कराने के लिए चिकित्सा मंत्री को चिट्ठी लिखी है।^आदर्श पीएचसी प्रभारी डॉ. छिगन बिरानिया ने बताया कि हॉस्पिटल में 1 साल में 30 से 35 हजार के आसपास मरीज उपचार के लिए आते हैं।

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