दशहरा आज:इस बार भी रावण के पुतलों का दहन नहीं, पैसा विकास में खर्च होगा

चौमू2 महीने पहले
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  • चौमू, फुलेरा, रेनवाल, गोविंदगढ़, चाकसू, कालाडेरा, सांभरलेक में नहीं होंगे दशहरे के कार्यक्रम
  • फुलेरा की ऐतिहासिक रामलीला मंचन पर छाया कोरोना का संकट

संजय शर्मा | फुलेरा रेलनगरी फुलेरा में ब्रिटिशकाल से चल रही ऐतिहासिक रामलीला मंचन पर इस वर्ष भी कोरोना के कारण राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार रामलीला मंचन नहीं होने के कारण स्थानीय कलाकारों में मायूसी, लोगों में रोष के साथ-साथ सैकड़ों लोग जो कि रामलीला के दौरान अपना रोजगार कर लिया करते थे, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट होने लगा है। रेल परिसर स्थित श्री रेल्वे रामलीला रंगमंच पर लगभग 120 वर्षों से अधिक समय से रामलीला का मंचन श्री रेलवे रामलीला कमेटी के तत्वावधान में स्थानीय कलाकारों के द्वारा प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाता रहा है। फुलेरावासी पूरे वर्ष रामलीला मंचन की प्रतीक्षा करते हैं। रामलीला मंचन की तैयारियां श्राद्ध पक्ष में ही प्रारम्भ हो जाया करती थी, जिसमें स्थानीय कलाकार अपना पूर्ण योगदान देने का प्रयास करते हैं, परन्तु दो वर्षों से कोविड-19 के कारण रामलीला का मंचन नहीं हो पा रहा है।

दशहरे पर हर वर्ष बुराई के प्रतीक माने जाने वाले रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन पिछले वर्ष से कोरोना संक्रमण के चलते रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित नहीं हो रहे हैं। इस बार भी दशहरे पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित करने की प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रमों को स्थगित रखा गया है। जिले में चौमू, फुलेरा, रेनवाल, गोविंदगढ़, चाकसू, कालाडेरा, सांभर लेक आदि स्थानों पर दशहरे पर रावण दहन के बड़े कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। जिनमें हजारों की संख्या में लोग एकत्रित होते थे, लेकिन पिछले वर्ष से कोरोना संक्रमण के चलते कार्यक्रम लगातार स्थगित हो रहे हैं। चौमू नगरपालिका के अध्यक्ष विष्णु कुमार सैनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते और गाइडलाइन की पालना के तहत इस बार भी दशहरे पर नगर पालिका की ओर से शहर के रेलवे स्टेशन स्कूल खेल मैदान में आयोजित होने वाला दशहरे का मेला और पुतला दहन का कार्यक्रम स्थगित रखा गया है।

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