• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Chomu
  • Three New Tractors Were Picked Up After Signing The Document And Check, They Were Sold For Lakhs Of Rupees, It Was Found Out When The Finance Employees Reached To Collect The Installment

शातिर ठग अजमेर से गिरफ्तार:डोक्यूमेंट व चैंक साइन करवाकर उठा लिए तीन नए टैँक्टर, लाखों रुपए में बेच दिए, फाईंनेस कर्मचारियों के किश्त लेने पहुंचने पर चला पता

चौमूं3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

कालाडेरा थाना पुलिस ने शनिवार को एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। जिसने लोन सेंशन करने के नाम पर डोक्यूमेंट साइन करवाकर एक व्यक्ति के नाम से तीन नए टैंक्टर खरीद डाले। किश्तों का भुगतान लेने बैंककर्मियों के घर पहुंचने पर मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने सर्च शुरू की। तीनों टैंक्टर को खुर्द-बुर्द कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले शातिर को पुलिस ने गिरफ्तार करने में शनिवार को सफलता हासिल की।

थानाधिकारी हरवेन्द्र सिंह ने बताया कि ठगी के आरोप में हेमराज वैष्णव (38) पुत्र भंवरलाल शर्मा निवासी कसाना सरवाड़ अजमेर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम उसके तलाशते हुए अजमेर गई थी। वहां से पकड़कर जयपुर लाया गया है। वह खुद को बैंक में मैनेजर पद पर होना बताया था। भोले-भोले व कम पढ़े लिखे जरूरतमंद लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके डोक्यूमेंट व चैक साइन करवा कर ले लेता था। जिनके आधार पर लोन से लाखों रुपए उठाकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी से पूछताछ करने के साथ ही पुलिस गिरोह से जुड़े शातिरों की तलाश कर रही है।

रह गया दंग, पुलिस से मांगी मदद

कालाडेरा के जालसू निवासी नानूराम कुमावत ने 1 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसे 15 लाख रुपए की आवश्यकता थी। पड़ौसी महेंद्र शर्मा ने उसे कहा कि उसका दोस्त हेमराज वैष्णव बैंक मैनेजर है। वह उसे सस्ती दर पर लोन दिलवा देगा। हेमराज वैष्णव से मिलने पर लोन दिलाने के नाम पर उसके डोक्यूमेंट व खाली चैक साइन करवा कर ले लिए।

उन डोक्यूमेंट व चैक के जरिए अलग-अलग कंपनियों से तीन नए ट्रैक्टर नाथूराम कुमावत के नाम से निकलवा लिए। तीनों ट्रैक्टर को खुर्द-बुर्द कर शातिर हेमराज वैष्णव लाखों रुपए ठग फरार हो गया। लोन की किश्तें जमा नहीं होने पर फाईनेंस कंपनी के लोग नाथूराम के घर पहुंचे। जिनके बताने पर नाथूराम को पता चला कि उसके नाम से तीन टैंक्टर फाईनेंस पर खरीदे गए है वह दंग रह गया। ठगी का पता चलने पर पीड़ित नाथूराम ने पुलिस की शरण ली।