मिलावटखोरी पर गंभीर नहीं अधिकारी:त्योहारी सीजन में फिर सक्रिय हुए मिलावटी मावे के कारोबारी, शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में नहीं हुई कोई कार्रवाई

चौमूं2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
डेमो पिक। - Dainik Bhaskar
डेमो पिक।

प्रदेश में त्योहारी सीजन के मद्देजनर शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चल रहा है। लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। इस सीजन में अभी तक मिलावटखोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार त्योहारी सीजन में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है, इसके बाद मिलावटी कारोबारी फिर एक्टिव हो जाते हैं। त्योहारी सीजन के अलावा इन मिलावटखोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से मिलावटी कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।

इन गांवों में भारी मात्रा में तैयार होता है नकली माल
चौमूं उपखंड क्षेत्र के मोरीजा, चीथवाड़ी, बांसा-फतेहपुरा, अणतपुरा, गोल्यावाला, सामोद व अन्य गांवों में मावा, घी, दूध, दही, पनीर भारी मात्रा में तैयार किया जाता है, जिसमें केमिकल और अन्य मिलावट की जाती है।

इनका कहना है
गोविंदगढ़ सीओ संदीप सारस्वत ने कहा कि त्योहारी सीजन में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई है। जल्द ही इन मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। सामोद इलाके के कई गांवों में मिलावटी घी, मावा और पनीर का कारोबार किया जाता है। इसको लेकर पहले भी पुलिस ने काफी कार्रवाई की है, हालांकि यह मामला स्वास्थ्य विभाग से भी जुड़ा हुआ है। उनको भी कार्रवाई करनी चाहिए।

बता दें कि पिछले त्यौहारी सीजन में जयपुर ग्रामीण एसपी शंकरदत्त शर्मा के निर्देश पर मिलावटखोरों के खिलाफ एक अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था। इस दौरान काफी मात्रा में नकली मावा, पनीर, घी और दूध, बरामद किया था और कई लोगों को जेल के सलाखों के पीछे भी भेजा था।

खबरें और भी हैं...