प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्‌टा प्रोग्रेस:दौसा नगरपरिषद में 61 दिन में 1058 पट्‌टे जारी, जो 1715 आवेदन की तुलना में 62%, 227 निरस्त

दौसा2 महीने पहले
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दौसा | नप में प्रशासन शहरों के संग शिविर में काम के लिए आए लोग। - Dainik Bhaskar
दौसा | नप में प्रशासन शहरों के संग शिविर में काम के लिए आए लोग।
  • नगर परिषद दौसा में सर्वाधिक 1058, नगर पालिका लालसोट में 235, बांदीकुई में 184, जबकि सबसे कम महवा में सिर्फ 38 पट्‌टे जारी, चारों निकायांे में अभी 720 आवेदन पैंडिंग

राज्य सरकार की मंशा है कि शहरी क्षेत्र के लोगों को अपने आशियानाेें का पट्‌टा अपने वार्ड शिविर में ही मिले। इसके लिए प्रशासन शहरों के संग अभियान अंतर्गत शिविरों का आयोजन जारी है। मगर, पट्‌टों की प्रोग्रेस मंशानुरूप नहीं है और लोगों के कामकाज भी सुगमता से नहीं हो पा रहे हैं। बहरहाल, दौसा नगर परिषद में ही 61 दिन के भीतर 1058 पट्‌टे जारी हुए हैं, जो 1715 आवेदन की तुलना में 61.69 फीसदी हैं। कॉलाेनी अप्रूव्ड नगर परिषद ही कराती है, जहां नक्शा नहीं बताकर लाेगाें काे टरकाया जाता है, इससे पट्‌टा जारी करने की गति भी धीमी चल रही है।

कमोबेश यही हालत जिले की तीनों नगर पालिका लालसोट, बांदीकुई और महवा कीभी है।गौरतलब है कि नगर परिषद से संबंधित कार्याें के लिए लाेगाें काे भटकना और परेशान हाेना नहीं पड़े। इसी मंशा के चलते प्रशासन शहराें के संग अभियान चलाया जा रहा है,मगर अपेक्षित कामकाज नहीं होने से लोगों ने नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क लिए बिना पट्‌टा जारी नहीं करने और वेबजह परेशान करने का भी आरोप लगाया है। उदाहरण के ताैर पर किसी भी कॉलाेनी काे अप्रूव्ड कराने पर माैका-नक्शा नगर परिषद द्वारा ही तैयार किया जाता है, लेकिन नक्शा नहीं मिलने की आड़ में इन दिनाें लाेग परेशान हो रहे हैं। प्रशासन शहराें के संग अभियान 2 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जिसके अंतर्गत मंगलवार तक 61 दिन में 1058 पट्टे ही जारी किए गए, जाे 1715 आवेदन की तुलना में 61.69 फीसदी है। वहीं 227 (13.23 फीसदी) आवेदन रद्द कर दिए गए।

कृषि भूमि पर बसी आवासीय याेजनाओं, संस्थाओं की स्वयं की याेजनाओं, सिलिंग व अल्सर अधिनियम आदि के तहत पट्टे के लिए 1407 लाेगाें ने आवेदन किए, जिसमें से 950 (67.51 फीसदी) पट्टे दिए जा चुके हैं। अब भी 342 लाेग पट्टे लेने की कतार में हैं, जबकि 115 (8.17 फीसदी) आवेदन रद्द कर दिए हैं। इसी प्रकार 69ए के अंतर्गत पट्टे लेने के लिए 55 आवेदन में से सिर्फ 9 ही पट्टे जारी किए, जबकि 26 यानी 47.27 फीसदी आवेदन रद्द कर दिए। स्टेट ग्रांट एक्ट के अंतर्गत 218 आवेदन में से 94 (43.11 फीसदी) पट्टे जारी करने के साथ 57 (26.14 फीसदी) आवेदन निरस्त कर दिए। कार्रवाई की कछुआ चाल के कारण अब भी 67 लाेग पट्टाें के लिए भटक रहे हैं।

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