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प्रायोगिक परीक्षा:आईटीआई में प्रायोगिक परीक्षा के लिए 42 की व्यवस्था, पहुंच गए 66 विद्यार्थी, वंचित अभ्यर्थियों ने किया हंगामा

दौसा3 दिन पहले
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  • }रोज 42-42 विद्यार्थियों की ही ले सकते हैं परीक्षा

कस्बे के कालवान रोड स्थित राजकीय आईटीआई कॉलेज में मंगलवार को कई जिलों से प्रायोगिक परीक्षा देने के लिए पहुुंचे विद्यार्थियों ने नंबर नहीं आने की वजह से हंगामा कर दिया। विद्यार्थियों का कहना था कि प्रवेश पत्र में दी गई दिनांक एवं समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गए, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने सीमित विद्यार्थियों को ही परीक्षा में बिठाकर शेष को बाहर निकाल दिया।

इससे कई जिलों से आए परीक्षार्थियों की परीक्षा नहीं हो पाई। कॉलेज प्रिंसीपल ने कॉलेज में 42 परीक्षार्थियों को ही बिठाने की जगह होने की बात कही है।सुबह कॉलेज के बाहर हंगामा कर रहे सवाईमाधोपुर, करौली, कोटा एवं स्थानीय परीक्षार्थियों का कहना था कि निजी आईटीआई कॉलेजों द्वारा दिए गए प्रवेश पत्र के अनुसार सुबह 9:30 बजे से प्रायोगिक परीक्षा के लिए राजकीय आईटीआई कॉलेज में पहुंच गए, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने 42 विद्यार्थियों को ही प्रायोगिक परीक्षा में शामिल कर शेष को कॉलेज से बाहर निकाल दिया। जिससे 20 से अधिक विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा।

उन्होंने बताया कि सभी विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में 14 सितंबर को ही परीक्षा आयोजित होना बता रखा है। लेकिन कॉलेज प्रशासन परीक्षा में नहीं बिठाने से कई जिलों से आए परीक्षार्थियों को सैकड़ों किलोमीटर दूर वापस घर लौटना पड़ेगा। उन्होंने आईटीआई संचालन समिति के पदाधिकारियों से भी दूरभाष पर वार्ता की, लेकिन अधिकारियों ने भी मोबाइल बंद कर लिए जिससे गुस्साए परीक्षार्थियों ने कॉलेज के बाहर हंगामा कर अव्यवस्थाओं के खिलाफ नारेबाजी की। परीक्षार्थियों के विरोध के बाद कॉलेज प्रशासन ने रोल नंबर के आधार पर बुधवार को परीक्षा लेने का भरोसा दिलाया। इसके बाद वंचित छात्र लौट गए।

परीक्षा देने कोटा, सवाई माधोपुर, करौली जिलों से भी पहुंचे अभ्यर्थी

कॉलेज लैब में सिर्फ 42 परीक्षार्थियों को ही बैठाने की क्षमता : प्रिंसीपल^कॉलेज लैब में सिर्फ 42 परीक्षार्थियों को ही एक साथ बिठाने की व्यवस्था है। इससे ज्यादा को हम नहीं बिठा सकते। फिर भी हमने दूर-दराज से आए छात्रों की समस्या को देखते हुए अनुपस्थित रहे कुछ परीक्षार्थियों के स्थान पर आगे वाले रोल नंबर के छात्रों को भी शामिल कर लिया लेकिन फिर भी 20-25 परीक्षार्थी वंचित रह गए जो छात्र रह गए हैं। उन्हें अगले दिन रोल नंबर के हिसाब से परीक्षा में शामिल कर दिया जाएगा।- कुशाग्र डोरिया, प्रिंसीपल, राजकीय आईटीआई कॉलेज

सबको बता दिया था, लेकिन पहले नंबर के चक्कर में सब एक साथ पहुंच गए : सचिव^सिकराय में एक ही लैब होने की वजह से एक दिन में 42 परीक्षार्थियों की ही प्रायोगिक परीक्षा करवाना संभव है। सभी निजी आईटीआई को निर्धारित संख्या में ही परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए भेजने के लिए पूर्व में ही सूचना दे दी गई थी। लेकिन परीक्षार्थी पहले नंबर आने के चक्कर में एक साथ पहुंच गए जिससे पहले दिन अव्यवस्था हुई। जिनका नंबर नहीं आ पाया, उनकी परीक्षा अगले दिन करवा दी जाएगी। एक भी परीक्षार्थी को बिना परीक्षा के नहीं छोड़ा जाएगा। - सुंदरलाल, सचिव, आईटीआई कॉलेज संचालन समिति

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