डेंटल क्लिनिक संचालक के खिलाफ FIR:मृतक के पिता का आरोप- नौकरी से निकालने की धमकी देकर बोर्ड लगाने को मजबूर किया था, करंट लगने से हुई मौत

दौसाएक महीने पहले
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फोटो 3 नवम्बर की है, जब हादसे के बाद अचेत पड़े मिले युवक को अस्पताल ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
फोटो 3 नवम्बर की है, जब हादसे के बाद अचेत पड़े मिले युवक को अस्पताल ले जाती पुलिस।

जिला मुख्यालय के लालसोट रोड स्थित बरकत स्टेच्यू पर संचालित पटाखे की दुकान में आग लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हादसे में करंट लगने से मृतक युवक के पिता ने निजी क्लिनिक संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। बता दें कि 3 नवंबर को बिजली की चिंगारी से पटाखे की दुकान में भीषण आग लग गई थी। जिसमें लाखों रुपए के पटाखे व एक मोटरसाइकिल जलकर स्वाहा हो गई थी। हादसे के कारणों की जांच में सामने आया था कि पटाखे की दुकान के पास संचालित डेंटल क्लिनिक का कर्मचारी अशोक बैरवा बोर्ड लगा रहा था इस दौरान वहां से गुजर रहे बिजली लाइन के तार के संपर्क में आने से उसकी मौत हो गई थी।

कोतवाली में दर्ज कराई FIR

मृतक के पिता रामस्वरूप बैरवा ने मामला दर्ज कराया है कि उसका बेटा अशोक उर्फ़ बंटी पिछले करीब 5 साल से वधावन डेंटल हॉस्पिटल पर कार्य करता था। जहां 3 नवंबर को करंट लगने से उसकी मौत हो गई। आरोप है कि हॉस्पिटल संचालक ने उसके बेटे से कहा कि छत पर अस्पताल का बोर्ड साफ कर उसको ऊपर लगा दो। इस पर युवक ने कहा कि बोर्ड बहुत भारी है उससे नहीं लगेगा और बिजली के तार भी ढीले हैं। इस पर हॉस्पिटल संचालक शक्ति वधावन ने उसे धमकाया और कहा कि बोर्ड नहीं लगाया तो उसे नौकरी से निकाल दूंगा। जहां उसके बेटे अशोक द्वारा बोर्ड लगाने के दौरान छत के पास से गुजर रही बिजली लाइन से बोर्ड टकरा गया और करंट आने से वह अचेत हो गया, जिसको अस्पताल में भर्ती करने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

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