यूरिया की भी किल्लत:डीएपी के बाद अब यूरिया की भी किल्लत, किसान परेशान

दौसा24 दिन पहले
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लालसोट| खाद के लिए किसानों की कतार। - Dainik Bhaskar
लालसोट| खाद के लिए किसानों की कतार।
  • रबी सीजन में 27 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत
  • जिले में अभी डीएपी की कमी खत्म नहीं हुई

जिले में जाै व गेहूं की बुवाई चल रही है। अब तक गेहूं की 41 हजार 215 व जाै की 3 हजार 545 हेक्टेयर में बुवाई हाे चुकी है। इससे यूरिया की मांग बढ़ने लगी है। रबी सीजन में 27 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। जबकि, जिले में अब तक सिर्फ 12 हजार एमटी खाद ही आया है। लिहाजा, मांग के अनुसार यदि खाद आपूर्ति नहीं हुई ताे डीएपी की तरह यूरिया की भी भारी किल्लत हो सकती है। हालांकि, किसानों के लिए अभी जिले में 5778 एमटी (127116 कट्टे) यूरिया का स्टाॅक है, लेकिन मांग के अनुसार यूरिया कम मात्रा में है। इसके चलते अभी डीएपी की कमी से जूझ रहे किसानाें काे यूरिया के लिए भी परेशान होना पड़ सकता है।कृषि विभाग की और से रबी सीजन के लिए 27 हजार एमटी की मांग की है।

अब तक 12 हजार 71 एमटी यूरिया आया है। इसमें 5290 एमटी वितरण हाे चुका है। दीपावली के एक दिन पहले 1103 एमटी यूरिया आया है। जिले में 5778 एमटी यूरिया अभी स्टाॅक में है। अब गेहूं की बुवाई में तेजी अाएगी। कृषि विभाग की और से इस बार जिले में 1 लाख 88 हजार हेक्टेयर में रबी फसल की बुवाई का लक्ष्य रखा है। अब तक 1 लाख 30 हजार 999 हेक्टेयर में बुवाई हाे चुकी है। इस बार 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य रखा है। जाै व गेहूं की बुवाई चल रही है। जिले में 41 हजार 215 हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हाे चुकी है। रबी फसल में अभी यूरिया की जरूरत रहेगी। इससे यूरिया की मांग बढ़ेगी। मांग के अनुसार यूरिया नहीं आया ताे रबी सीजन के दाैरान यूरिया की कमी आ सकती है।

बढ़ सकता है चने का रकबा अब तक 69 फीसदी बुवाई हाे चुकी है। इस बार अच्छी बारिश के चलते चने की बुवाई का रकबा बढ़ सकता है। कृषि विभाग ने 25 हजार हेक्टेयर में चना की बुवाई का लक्ष्य रखा है। जिले में 21 हजार 932 हेक्टेयर में बुवाई हाे चुकी है। जिले में 62 हजार हेक्टेयर में सरसाें की बुवाई का लक्ष्य रखा है। अब तक 59 हजार 870 हेक्टेयर में सरसाें की बुवाई हाे चुकी है।

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