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प्री-मानसून के साथ शुरू हुई किसानी:खरीफ फसलों की बुवाई में जुटा अन्नदाता, कृषि विभाग ने 1.97 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा

दौसाएक महीने पहले
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दौसा के पास बाजरे की बुवाई करता किसान। - Dainik Bhaskar
दौसा के पास बाजरे की बुवाई करता किसान।

जिले में प्री-मानसून के बाद कई क्षेत्रों में किसान खरीफ फसलों की बुवाई में जुट गए हैं। इसके साथ ही आगामी दिनों में बारिश आने से पूर्व की तैयारी भी शुरू कर दी हैं। जिला मुख्यालय से सटे आसपास के क्षेत्रों में काश्तकारों ने सब्जी और चारे के साथ ही अन्य फसलों की बुवाई की है।

महुवा, सिकराय व बांदीकुई क्षेत्र के किसानों द्वारा ज्वार, बाजरा, मूंगफली, मक्का, मूंग आदि खरीफ फसलों की बुवाई कर खेतों की निराई गुड़ाई तैयारी की जा रही है। कृषि विभाग ने जिले में 1 लाख 97 हजार 510 हेक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य रखा है।

4500 हेक्टेयर में हुई बुवाई
जिले के महुवा, मानपुर व सिकंदरा के आसपास के क्षेत्रों में भी किसान बाजरा और चारे के साथ ही हरी सब्जियों की बुवाई कर रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार जिले में जायद फसलों में तिलहन व कपास की बुवाई का रकबा भी अब बढ़ने लगा है। अब तक 4 हजार 500 हेक्टेयर से ज्यादा में बुवाई हो चुकी है। इसमें 3 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 1000 हेक्टेयर में मूंगफली, 250 हेक्टेयर में ज्वार व 100 हेक्टेयर में ग्वार की बुवाई हो चुकी है। वहीं प्रमाणित बीज उपलब्ध नहीं होने से किसानों को बाजार से महंगे दामों पर बीज खरीदना पड़ रहा है।

दो लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य
कृषि विभाग ने इस बार जिले में बाजरा 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर, मूंगफली 13 हजार 500 हेक्टेयर, तिल 8 हजार 500 हेक्टेयर, ग्वार 11 हजार 700 हेक्टेयर, ज्वार 4 हजार 700 हेक्टेयर, मक्का 370 हेक्टेयर व 140 हेक्टेयर में दलहन फसल की बुवाई का लक्ष्य रखा है। यहां वर्ष 2016 में 22 जून को, वर्ष 2017 में 17 जून को, वर्ष 2018 में 14 जुलाई को, वर्ष 2019 में जिले में 17 जून व 2020 में जुलाई के प्रथम सप्ताह में मानसून की एंट्री हुई थी। इस बार भी मानसून तय समय पर इस माह के अंत तक आने की संभावना है।

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