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ऐसे कैसे थमेगा संक्रमण:डॉक्टर के घर के बाहर दाेपहर 2:30 बजे मरीजों की भीड़, नियमों की अनदेखी

दाैसा2 महीने पहले
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जिला चिकित्सालय के पास स्थित डॉक्टर काॅलाेनी में एक डॉक्टर के घर के बाहर दाेपहर 2:30 बजे मरीजाें का तांता लगा था। इस दाैरान मरीज अपनी बारी के इंतजार में डॉक्टर के घर के बाहर गेट पर झुंड बनाकर खड़े रहे, मगर किसी ने तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर साेशल डिस्टेंसिंग की पालना कराना मुनासिब नहीं समझा।

जिला चिकित्सालय में ओपीडी का समय सुबह 8 से दाेपहर 2 बजे तक है। इसके बाद मरीजाें काे डॉक्टर अपने घराें पर देखते हैं। कई डाॅक्टरों के घर डॉक्टर कालाेनी में है, जहां मरीजाें की दाेपहर 2 बजे से ही कतार लग जाती है। काेराेना संकटकाल में इन दिनाें सामान्य पेशेंट जिला चिकित्सालय में कम और डाॅर्ट्स के घर भीड़ रहती है।

इसके बावजूद कई डाॅर्क्ट्स काेराेना गाइड लाइन की अनदेखी कर रहे हैं। महामारी के भय से लाेग मास्क ताे लगाए रहते हैं, लेकिन पहले मैं पहले मैं के चक्कर में साेशल डिस्टेंसिंग काे भूल जाते हैं। इससे मरीज झुंड बनाकर खड़े रहते हैं। दाेपहर 2:30 बजे जिस डॉक्टर के घर के गेट पर भीड़ लगी थी, वहां एक-एक मरीज काे अंदर बुला रहे है। पहला मरीज दिखाने के बाद निकलता ताे दूसरे का नाम पुकारा जाता है।

मरीजाें काे कतार और साेशल डिस्टेंसिंग के अनुसार खड़ा करने के लिए डॉक्टर का काेई स्टाफ गेट के बाहर दिखाई नहीं दिया। सिर्फ अंदर से एक व्यक्ति मरीजाें के नाम बाेलकर बारी-बारी से बुला रहा था। कमोबेश दूसरे डाॅर्क्ट्स के आवास/नर्सिंग हाेम में भी यही स्थिति रहती है। इसे देखते हुए लगता है कि काेराेना की चेन ताेड़ने की बात करने वाले ही गंभीर नहीं हैं ताे फिर काेराेना कैसे भागेगा।

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