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मोरों की मौत से जनाक्रोश:6 मोरों की मौत, सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे वन कर्मचारी और पशु चिकित्सक, जनाक्रोश

दौसा6 दिन पहले
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सदर थाना इलाके के ग्राम पंचायत का लाखों के बाल किशन का बास में पेड़ों से गिरकर अचानक 6 से अधिक राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर सवेरे सरपंच शंभू दयाल बैरवा, ग्राम विकास अधिकारी रिचा शर्मा मौके पर पहुंची और उप वन संरक्षक अनिल गुप्ता को इत्तला दी। सूचना देने के 3 घंटे बाद भी ना तो वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ना ही पशु चिकित्सक। ऐसे में शाम तक ग्रामीण मृत मोरों की सुरक्षा के लिए घेरा डालकर अधिकारियों के आने की बाट जोहते रहे। अधिकारियों के शाम तक नहीं पहुंचने से गुस्साए जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों में आक्रोश प्याप्त हो गया।सरपंच शंभू दयाल बैरवा ने बताया कि उप वन संरक्षक अनिल गुप्ता को सूचना दिए जाने व संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं देने से लोगोें में आक्रोश रहा। गुस्साए लोगों ने घटना की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेशको सूचना दी।

प्रथम दृष्टया मामला जहरीला दाना खाने काउप वन संरक्षक अनिल गुप्ता का कहना है कि सरपंच व ग्रामीणों ने मोरों के मरने की सूचना दी थी। सूचना के बाद कर्मचारियों को दोपहर को भेजकर मृत पड़े एक मोर को चिकित्सालय लेकर कर्मचारी आए थे जिसकी भी रास्ते में तड़पने से मौत हो गई थी। इसके बाद सरपंच ने 4 मोरों के और मरने की सूचना देकर टीम को भिजवाए जाने की बात कही थी। मैंने कहा कि अभी टीम दौसा पहुंची है। पहले टीम अस्पताल जाकर मृत मोर का पशु चिकित्सकों से पोस्टमार्टम करवाएगी उसके बाद आएगी। मोरों के मरने का प्रथम दृष्टया मामला जहरीला दाने खाने या तापमान अधिक हो जाने का लगता है। पोस्टमार्टम कराकर सैंपल भिजवाया जाएंगे जिसके बाद ही मोरों के मरने के कारण का पता लगेगा।

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