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  • Fake ACB Gang Being Exposed, Video Made Of Clinic Operator, Accused Of Extorting Money For Fear Of Action Also Got Caught By The Police, So Far 6 Arrested

बेनकाब हो रहा फर्जी एसीबी गिरोह:बांदीकुई क्षेत्र में क्लिनिक संचालक का वीडियो बना कार्रवाई के भय से पैसे ऐंठने का आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा, अब तक 6 गिरफ्तार

दौसा2 महीने पहले
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बांदीकुई पुलिस की गिरफ्त में फर्जी एसीबी गिरोह (फाइल फोटो।) - Dainik Bhaskar
बांदीकुई पुलिस की गिरफ्त में फर्जी एसीबी गिरोह (फाइल फोटो।)

जिले के बांदीकुई क्षेत्र में फर्जी एसीबी अधिकारी बन कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ऐंठने के मामले में गिरोह की परतें खुलती जा रही हैं। कई पीड़ितों के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक आधा दर्जन युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में फरार चल रहा एक और आरोपी रविवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इससे पूछताछ कर अन्य वारदातों के बारे में तथ्य जुटाए जा रहे हैं।

पुलिस ने फर्जी एसीबी गिरोह के सदस्य दीपक सैनी निवासी केसरीसिंहपुरा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है जिससे कि पूरे मामले का पटाक्षेप हो सके। गिरफ्तार आरोपी दीपक सैनी पर 6 अप्रैल को नंदेरा गांव में क्लिनिक संचालक रामावतार सैनी की दुकान से टेबलेट लेकर उसका वीडियो बनाने तथा कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ऐंठने का आरोप है। प्रकरण में दो आरोपी पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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अब तक छह आरोपी गिरफ्तार
फर्जी एसीबी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ऐंठने के मामले में पुलिस गिरोह में शामिल छह युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने आरोपी विजेन्द्र गुर्जर निवासी रामनगर काॅलोनी, सतीश मीणा निवासी रामचंद्र की ढाणी बांदीकुई व कुम्हेरसिंह गुर्जर निवासी आशापुरा, सुनील गुर्जर निवासी मोराडी, सन्नी राजपूत व दीपक सैनी को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं कई अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बांदीकुई क्षेत्र में फर्जी एसीबी अधिकारी बनकर लोगों को धमकाने तथा उनसे पैसे ऐंठने के कई मामले सामने आ चुके हैं। बदमाश विजेन्द्र गुर्जर व सतीश मीणा के खिलाफ थाने में कई मामले दर्ज हैं।

यूं देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस ने बताया कि बदमाश दुकानों से मोबाइल नंबर लेकर स्वयं को एसीबी कार्यालय में पदस्थापित बताते हुए फोन कर पैसे की मांग करते थे। पैसे नहीं देने पर अपहरण व मारपीट कर लूटने का गोरखधंधा इनके द्वारा चलाया जा रहा था। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने इस प्रकार की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।

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