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  • In Navratri, Religious Ceremonies In The Devi Temples Will Be Canceled, Pats Will Be Open For Darshan, Devotees Will Have To Follow The Corona Guideline

कोरोना इफेक्ट:नवरात्र में देवी मंदिरों में धार्मिक आयोजन रद‌्द, दर्शनों के लिए खुले रहेंगे पट, श्रद्धालुओं को करना होगा काेरोना गाइडलाइन का पालन

दौसा8 महीने पहले
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दौसा| नई मंडी रोड स्थित दुर्गा मंदिर - Dainik Bhaskar
दौसा| नई मंडी रोड स्थित दुर्गा मंदिर
  • कोरोना के कारण भीड़ के आयोजन नहीं होंगे

नवरात्र के दौरान इस बार देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ दर्शन की व्यवस्था रहेगी। कोरोना के बढ़ते हुए प्रकोप को देखते हुए दुर्गा मंदिरों में दर्शन के अलावा भीड़भाड़ के कोई आयोजन नहीं किए जाएंगे। मंदिरों में कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी। वहीं बगैर मास्क लगाए किसी को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सेनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था भी रहेगी।नई मंडी रोड दुर्गा मंदिरनई मंडी रोड स्थित दुर्गा मंदिर में माता के दर्शन के अलावा कोई आयोजन नहीं किया जाएगा। घट स्थापना का प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा और नवरात्र अनुष्ठान भी मात्र 3 पंडितों द्वारा ही किए जाएंगे। वहीं सप्तमी की रात्रि का जागरण नहीं होगा। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष महेंद्र आनंद ने बताया कि बिना मास्क लगाए श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोरोना गाइडलाइन की पालना की जाएगी।

श्याम मंदिर चरण धामश्याम मंदिर चरण धाम में नवरात्र के दौरान सुंदरकांड का सामूहिक पठन नहीं किया जाएगा। राजेश ठाकुरिया ने बताया कि नवरात्र के दौरान मात्र 1 पंडित द्वारा अनुष्ठान कराए जाएंगे। समापन पर नौ कन्याओं को प्रसादी जिमाई जाएगी। श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन के तहत दर्शन के लिए व्यवस्था की गई है।यहां भी नहीं होंगे आयोजनसैंथल मोड़ दुर्गा मंदिर एवं किला सागर दुर्गा मंदिर में पंडितों द्वारा घट स्थापना की जाएगी। दर्शनों के लिए माता का दरबार खुला रहेगा। इसी तरह फलसा वाले बालाजी, पीलू वाले बालाजी, डगला व वाले बालाजी, गिरिराज धरण मंदिर, नीलकंठ मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर सहित सभी मंदिरों में भीड़ के आयोजन नहीं हो सकेंगे।घट स्थापना का सर्वश्रेष्ठमुहूर्त सूर्योदय के साथमंगलवार को चैत्र नवरात्र प्रारंभ होंगे।

प्रतिपदा तिथि इस दिन सुबह 10:17 बजे तक ही रहेगी। पंडित कांता प्रसाद महेश्वरा ने बताया कि घटस्थापना प्रातः काल द्वि स्वभाव लग्न में करना श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन 6:09 बजे सूर्योदय होगा और द्वि स्वभाव मीन लग्न सुबह 6:09 से 6:12 बजे तक है। ऐसे में यह 3 मिनट का समय घटस्थापना के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने बताया कि द्वि स्वभाव मिथुन लग्न में 9:46 से दोपहर 12:00 बजे तक, अभिजित मुहूर्त में 12:02 से 12:59 बजे तक, चर, लाभ व अमृत के चौघडि़ए में 9:18 से दोपहर 2:02 बजे तक घट स्थापना की जा सकती है। उन्होंने बताया कि दुर्गा अष्टमी 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन शाम 6:50 बजे पश्चिम दिशा में शुक्र उदय होगा। सुबह 6:53 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। बाद में संपूर्ण दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को रामनवमी पर अबूझ मुहूर्त रहेंगे।^ नवरात्र के दौरान मंदिरों में भीड़ भाड़ के आयोजन नहीं हो सकेंगे। राज्य सरकार की गाइडलाइन की पूरी तरह पालना कराई जाएगी। श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए मंदिर खुले रहेंगे।-संजय गौरा, एसडीएम

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