ऑनलाइन मनाया उत्तम क्षमा पर्व:जैन श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन मनाया उत्तम क्षमा पर्व

दौसाएक वर्ष पहले
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दश लक्षण पर्व की समाप्ति के पश्चात जैन धर्मावलंबियों ने गुरुवार को क्षमा वाणी का पर्व कोरोना वायरस को देखते हुए घरों में रहकर ही मनाया। सभी ने एक दूसरे से विगत वर्षों में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना ऑनलाइन की।जैन समाज के अध्यक्ष महावीर जी जैन सिकंदरा ने बताया कि अपने मन में क्रोध को पैदा न होने देना और अगर हो भी जाए तो अपने विवेक से, नम्रता से उसे विफल कर देना। अपने भीतर आने वाले क्रोध के कारण को ढूँढकर, क्रोध से होने वाले अनर्थों के बारे में सोचना और अपने क्रोध को क्षमारूपी अमृत पिलाकर अपने आपको और दूसरों को भी क्षमा की नजरों से देखना। अपने से जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए खुद को क्षमा करना और दूसरे के प्रति भी इसी भाव को रखना इस पर्व का महत्व है। जैन समाज के प्रवक्ता संजय जैन ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण मंदिरों में किसी भी तरह का सामूहिक पूजा पाठ एवं अन्य कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि नहीं हुआ। पुजारियों ने ही अभिषेक व पूजन किया। लेकिन ऑनलाइन प्रतियोगिताएं की गई। भंवर लाल जैन नीमला ने बताया कि क्षमा पर्व मनाते समय अपने मन में छोटे-बड़े का भेदभाव न रखते हुए सभी से क्षमा मांगना इस पर्व का उद्देश्य है। मनीष जैन ने कहा कि क्षमा करने से आप दोहरा लाभ लेते हैं। एक तो सामने वाले को आत्मग्लानि भाव से मुक्त करते हैं व दूसरा दिलों की दूरियों को दूर कर सहज वातावरण का निर्माण करके उसके दिल में फिर से अपने लिए एक अच्छी जगह बना लेते हैं।

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