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शिकायती पत्र:एक और डाॅक्टर काे नाेटिस, जिला अस्पताल में तीन दिन से नहीं हाे रही साेनाेग्राफी, मरीज हो रहे परेशान

दाैसा4 दिन पहले
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ रेडियाेलाॅजिस्ट डाॅ. शिवचरण मीणा काे सीएमएचओ की ओर से नाेटिस भेजने के बाद खड़ा हुआ विवाद गहराता जा रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दाैसा के वाटसएप ग्रुप पर डाॅ. मीणा के शिकायती पत्र को बिग ब्रेकिंग न्यूज लिखकर पाेस्ट करने पर सीएमएचओ ने जिला अस्पताल के डाॅ. श्रीप्रकाश मीणा काे कारण बताओ नाेटिस दिया है। जवाब के अभाव में अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विवाद के चलते जिला अस्पताल में 3 दिन से साेनाेग्राफी की जांच बंद है। जिला अस्पताल में राेजाना 80 से लेकर 110 साेनाेग्राफी हाेती है, लेकिन साेमवार से साेनाेग्राफी नहीं हाे रही है।

इससे मरीजाें काे अस्पताल से बाहर पैसे खर्च कर साेनाेग्राफी करानी पड़ रही है। सीएमएचओ डाॅ. मनीष चाैधरी ने सीएचसी सिकराय हाल जिला चिकित्सालय में कार्यरत डाॅ. श्रीप्रकाश मीणा काे मंगलवार काे नाेटिस दिया। बताया कि डाॅ. श्री प्रकाश मीणा ने विभाग के वाट्सएप ग्रुप पर डाॅ. शिवचरण मीणा के शिकायती पत्र को बिग ब्रेकिंग न्यूज का संदेश के साथ पाेस्ट किया, जाे कार्यालय प्राेटाेकाेल का उल्लंघन है।

जिला कलेक्टर को अवगत कराया
जिला अस्पताल के पीएमएओ डाॅ. सी.एल. मीणा का कहना है कि सीएमएचअाे ने साेनाेग्राफी करने वाले डाॅ. शिवचरण मीणा काे साेमवार काे नाेटिस जारी किया था। इसके विरोध में मीणा साेनाेग्राफी नहीं कर रहे हैं। मंगलवार काे डाॅ. श्रीप्रकाश मीणा काे भी नाेटिस दिया है। अस्पताल में 3 दिन से साेनाेग्राफी नहीं हाे रही है। इस संबंध में कलेक्टर काे अवगत करा दिया है। अब उच्चाधिकारियाें से बात कर गुरुवार से साेनाेग्राफी चालू कराई जाएगी। डाॅ. श्रीप्रकाश मीणा का कहना है कि नाेटिस की जानकारी मिली है, लेकिन नाेटिस नहीं मिला है। मेरा वेतन भी राेका है जाे तानाशाही है।

यह है विवाद की जड़
डाॅ. शिवचरण मीणा ने एसएमएस मेडिकल काॅलेज जयपुर से सर्टिफिकेट कोर्स फाॅर स्पेशलाइजेशन इन रेडियो डायग्नोसिस कोर्स किया हुआ है। इस योग्यता के आधार पर सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी का कार्य कर रहे हैं। दौसा में निजी सोनोग्राफी सेंटर की परमिशन मांगी तो सीएमएचओ ने फाइल रिजेक्ट कर दी। इसका कारण यह बताया गया कि इस कोर्स के आधार पर निजी सेंटर पर सोनोग्राफी नहीं कर सकते। फाइल रिजेक्ट होने पर डाॅ. शिवचरण ने जिला अस्पताल में भी यह कहते हुए काम बंद कर दिया कि उन्हें उपखंड समुचित प्राधिकारी ने अयोग्य घोषित कर दिया है।

फाइल रिजेक्ट होने पर पुनर्विचार के लिए उन्होंने फिर से प्रार्थना पत्र दिया तो सीएमएचओ ने निदेशालय से पुन: मार्गदर्शन मांगा है। जिससे अस्पताल का काम प्रभावित नहीं हो। इसी तरह सिकंदरा में एक अन्य सेंटर की फाइल भी दिसंबर में रिजेक्ट कर दी गई थी, जिससे दूसरा डाॅक्टर भी मैदान में कूद पड़ा और सोशल मीडिया पर लड़ाई छिड़ गई।

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