पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Dausa
  • Preparing To Connect The Broken Breaths With Pruning, Training Will Be Given To The Medical Staff, The Patient Gets Relief By Giving Oxygen By Lying On The Stomach.

प्रशिक्षण:टूटती सांसों को प्रोनिंग की मदद से जोड़ने की तैयारी, चिकित्साकर्मियों को देंगे प्रशिक्षण, मरीज को पेट के बल लिटाकर ऑक्सीजन देने से मिलती है राहत

दौसाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से टूटती सांसों को प्रोनिंग की मदद से जोड़ने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा कार्मिकों को प्रशिक्षण देकर संक्रमितों को राहत देने में जुटा हुआ है। कोविड-19 के मरीजों को प्रोनिंग से काफी राहत मिल रही है। अब इसके लिए चिकित्साकर्मियों को प्रोनिंग की मदद से और गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे मरीजों को इससे लाभान्वित कर सकें। कोविड-19 के मरीजों में ऑक्सीजन स्तर गिरने पर इसमें सुधार करना होता है। इसके लिए प्रोनिंग करनी होती है जिससे गिरते ऑक्सीजन के स्तर में काफी हद तक सुधार होता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए कारगर साबित हो रही है यह प्रक्रिया

प्रोनिंग होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों से लेकर आईसीयू में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है। इसके लिए चिकित्साकर्मियों को प्रोनिंग में गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि लोगों को कोरोना संक्रमितों को राहत मिल सके। केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों द्वारा कोविड मरीजों को सांस संबंधी परेशानी हो और ऑक्सीजन स्तर 94 से नीचे आ जाए, तो वे पेट के बल लेटकर (प्रोनिंग) की प्रक्रिया अपनाएं तो काफी हद तक फायदा मिलेगा। फेफड़ों में रक्त का संचार बेहतर होगा।

इन सावधानियों का ध्यान रखने से नुकसान से बच सकेंगे भोजन के तुरंत बाद प्रोनिंग से बचें, प्रक्रिया को करते समय घावों और चोट का ध्यान रखें, गर्भावस्था में महिला प्रोनिंग न करें, गंभीर कार्डियक स्थिति में प्रोनिंग न करें, गंभीर हृदय रोग से ग्रस्त मरीज, स्पाइन से जुड़ी परेशानी या फिर पेल्विक पैक्चर होने पर प्रोनिंग करने से नुकसान हो सकता है।

कैसे करें प्रोनिंग के लिए चार से पांच तकियों की जरूरत होती है। सबसे पहले रोगी बिस्तर पर पेट के बल लेटे, एक तकिया गर्दन के नीचे, एक या दो तकिए छाती और पेट के नीचे बराबर में रखें। दो तकियों को पैर के पंचों के नीचे दबाकर रखें। ध्यान रखें इस दौरान कोविड रोगी को गहरी और लंबी सांस लेते रहना है। आक्सीजन आसानी से पहुंच सकेगी। यह प्रक्रिया 30 मिनट से दो घंटे तक करने के काफी हद तक लाभ मिलेगा।

इनको दिया जाएगा प्रशिक्षण कोरोना संक्रमित मरीजों के गिरते आक्सीजन के स्तर में सुधार करने व प्रोनिंग का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। इसके लिए चिकित्सा विभाग मुख्यालय की ओर से सभी चिकित्साकर्मियों, चिकित्सकों, एनएम, जीएनएम आदि को प्रोनिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण आज से चिकित्सा कर्मियों को प्रोनिंग के लिए 7 मई को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यदि किसी कारण कुछ कार्मिक प्रशिक्षण से वंचित रह जाते हैं, तो उन्हें 8 मई को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह अपने अधीनस्थ कार्मिकों को प्रोनिंग प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करें।

कोविड मरीजों को मिलेगा प्रोनिंग से काफी लाभ^केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों की सलाह पर प्रोनिंग से कोविड मरीजों को मिल रही मदद के बाद अब चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रोनिंग से होम आइसोलेशन से लेकर आईसीयू में भर्ती मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है।डाॅ.मनीष चौधरी, सीएमएचओ, दौसा

खबरें और भी हैं...