पुजारियों का दौसा कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:मंदिर माफी की जमीन पर खातेदारी अधिकार के लिए पुजारियों का दौसा कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

दौसाएक वर्ष पहले
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  • बंद रहे मंदिरों के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए

अखिल राजस्थान पुजारी महासंघ के बैनर तले पुजारियों ने मंगलवार को मंदिर माफी की जमीन पर पुजारियों को मालिकाना हक प्रदान करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। संघ के जिला अध्यक्ष बाबूलाल वैष्णव ने कहा कि राजस्थान में 12 लाख पुजारी परिवार हैं। जो मंदिर माफी की जमीन से ही अपने परिवार का पालन पोषण व ठाकुर जी की सेवा पूजा के कार्य कर रहे हैं। लेकिन मंदिर माफी की जमीन पर पुजारियों को खातेदारी के अधिकार प्रदान नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 1991 को सरकार द्वारा जो आदेश पारित किया गया था उसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए। मंदिरों से जुड़ी कृषि भूमि पर पुजारी को खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं। 6000 मासिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाए। मंदिर माफी की जमीन अवाप्त होने पर पुजारी को मुआवजा भी दिया जाए। इस जमीन पर सहकारी ऋण व नल बिजली के कनेक्शन लगाने के आदेश दिए जाएं। जमीन पर असामाजिक तत्वों व भू-माफिया के कब्जे को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बंद रहे मंदिरों के कारण पुजारियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक पैकेज भी दिया जाए। इस दौरान हरिमोहन वैष्णव, रामकिशोर वैष्णव, रामावतार शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, रमेश स्वामी, छोटेलाल महंत, चांदनी वैष्णव, रामरतन वैष्णव, शशिकांत वैष्णव, हेमराज आदि थे।

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