पेयजल सकंट:टंकी का ढक्कन टूटा, 10 हजार लोगों को दूषित पानी की सप्लाई

दौसाएक महीने पहले
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बसवा | पानी की क्षतिग्रस्त टंकी, जिसमें गंदगी गिर रही है। - Dainik Bhaskar
बसवा | पानी की क्षतिग्रस्त टंकी, जिसमें गंदगी गिर रही है।

पहले ही पेयजल समस्या से परेशान तहसील मुख्यालय बसवा के लोग अब गंदगी युक्त पानी पीने को मजबूर हो रहे है। कस्बे में पानी कीसप्लाई करने वाली 3.50 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी का ढक्कन चार माह पहले टूट गया। अब टंकी में रोजाना पक्षियों की बीट सहित कीड़े मकौड़े गिर रहे है। लेकिन इस टंकी से कस्बे से 10 हजार लोगों को जलदाय विभाग पेयजल सप्लाई कर रहा है।

बसवा कस्बे में झुरावतों की ढाणी पंपहाउस पर 3.50 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनी हुई है। इस टंकी में रोजाना टेंकरों के माध्यम से 2.50 लाख लीटर पानी एकत्रित कर कस्बे में पेयजल सप्लाई की जाती है। लेकिन जून माह में बरसात के कारण इस 25 साल पुरानी टंकी का पटाव ढक्कन टूट गया और इसका मलबा टंकी में ही गिर गया। विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के रुप में टंकी के टूटे भाग को तिरपाल से ढक दिया। लेकिन इस टंकी की आज तक मरम्मत नहीं कराई।तरपाल भी कई जगह से फट जाने के कारण टंकी पर रोजाना पक्षी बैठ रहे है। इससे इनकी बीट टंकी में गिर रही है।

यही नहीं रात के समय कीड़े मकौड़े भी टंकी में गिरते है।चार माह बाद भी नहीं निकाला टंकी में गिरा मलबाटंकी को सही कराना तो दूर की बात जलदाय विभाग ने ढक्कन टूटने से टंकी में गिरे मलबे को आज तक बाहर नहीं निकाला और इसी टंकी में पानी एकत्रित कर कस्बे मेंपेयजल सप्लाई हो रहा है। क्षतिग्रस्त पानी की टंकी से महज 200 मीटर की दूरी पर 3.50 लाख क्षमता की दूसरी पानी की टंकी स्थित है। इसका निर्माण 10 साल पहले हुआ था। जिसमें आज तक एक बूंद पानी नहीं भरा गया।

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