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गुलजार होने लगा पर्यटन:आभानेरी की चांदबावड़ी में सैलानियों का आना बढ़ा

दौसा24 दिन पहले
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  • कोरोना महामारी की दूसरी लहर में 2 महीने बंद रहा विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल

कोरोनाकाल में बंद हुए विश्वप्रसिद्व पर्यटक स्थल चांदबावड़ी के अनलॉक होते ही अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। हालांकि यहां विदेशी पर्यटक एक भी नहीं आ रहा है। लेकिन रोजाना 100 भारतीय पर्यटक चांदबावड़ी की सुंदरता को देखने के लिए आ रहे है। इससे पुरातत्व विभाग को रोजाना करीब 2500 रुपए का राजस्व मिल रहा है। आभानेरी चांदबावड़ी पर भी वैश्चिक महामारी कोरोना का असर डेढ़ साल से दिखाई दे रहा है। मार्च 2020 में कोरोना के कारण पर्यटकों की आवाजाही बंद हो गई थी। इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर में चांदबावड़ी को 18 अप्रैल से बंद कर दिया था जिसे कोरोना की रफ्तार कम होने पर 15 जून से पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया। शुरू में तो यहां पर्यटकों की संख्या 10 से 20 तक रही, लेकिन इस समय यहां रोजाना 100 भारतीय पर्यटक इसे देखने के लिए आ रहे है।

16 महीने से नहीं आया एक भी विदेशी सैलानी, पहले आते थे रोजाना 200

कोरोनाकाल से पहले विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहने वाली चांदबावड़ी को देखने के लिए 16 महीने से एक भी विदेशी पर्यटक नहीं आया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके पीछे प्रमुख कारण कोरोना महामारी है। कोरोना के भय के कारण विदेशी पर्यटक नहीं आ रहे है। कोरोनाकाल से पहले चांदबावड़ी को देखने के लिए रोजाना विदेशी पर्यटकों की संख्या 200 से अधिक रहती थी। वही वर्ष 2020 में कोरोनाकाल में चांदबावड़ी तीन महीने तक बंद रही थी। इसे जुलाई में फिर से पर्यटकों के लिए खोला गया था। उस समय वर्षभर यहां रोजाना आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 70 से 80 थी। लेकिन इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर में दो महीने तक चांदबावड़ी बंद रहने के बाद जैसे ही खुली तो यहां रोजाना पर्यटकों की संख्या 100 पहुंच रही है।

कभी रोज होती थी एक लाख की आय, अब 2500 रुपए ही कोरोनाकाल से पहले आभानेरी में चांदबावड़ी देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या रोजाना 300 से अधिक होने के कारण इससे पुरातत्व विभाग को रोजाना करीब एक लाख रुपए की राजस्व मिलती थी। लेकिन अब यहां 100 भारतीय पर्यटक आने से विभाग को मात्र 2500 रुपए का राजस्व मिल रहा है।

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