राजनीतिक लड़ाई के बाद सरकार ने जारी किए आदेश / दौसा का कला कॉलेज अब पुराने भवन में ही चलेगा, 3 साल की राजनीतिक लड़ाई के बाद सरकार ने जारी किए आदेश

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दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

दौसा. राजकीय स्नातकोत्तर कला महाविद्यालय का अस्तित्व अब समाप्त हो गया है। इस महाविद्यालय को पंडित नवल किशोर शर्मा विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय में मर्ज कर दिया गया है। पंडित नवल किशोर विज्ञान वाणिज्य महाविद्यालय का नाम अब पंडित नवल किशोर शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रहेगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिए  हैं। भाजपा सरकार ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को दो भागों में विभक्त कर दिया था। इसमें विज्ञान व वाणिज्य संकाय का महाविद्यालय आगरा रोड स्थित पुराने भवन में संचालित करने के आदेश दिए थे। जबकि नए भवन का निर्माण 6 करोड़ की लागत से जीरोता मोड़ के समीप जयपुर रोड पर कराया गया था। जिसमें राजकीय कला महाविद्यालय को संचालित करने के आदेश दिए थे। कला महाविद्यालय को शहर से 5 किलोमीटर दूर स्थापित करने का विरोध किया गया। और तभी से इस मुद्दे को लेकर राजनीति शुरू हो गई थी। जीरोता मोड़ के समीप जयपुर रोड पर 6 करोड़ की लागत से भवन भी बनकर तैयार हो गया था। हालांकि इस भवन को पीडब्ल्यूडी ने अभी तक कॉलेज को हैंड ओवर नहीं किया है। लेकिन अब दोनों महाविद्यालयों का एकीकरण कर पुराने भवन में चलाने का आदेश दिया गया है। इससे राजकीय कला महाविद्यालय का अस्तित्व समाप्त हो गया है। राजकीय विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय का नाम भी अब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रहेगा। पंडित नवल किशोर शर्मा के नाम से संचालित यह महाविद्यालय अब पुराने भवन में ही संचालित होगा। राजकीय कला महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं 11 अन्य कर्मचारी अब राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कार्मिक माने जाएंगे।  महाविद्यालय में अब प्राचार्य पद पर वरिष्ठता के हिसाब से कला महाविद्यालय की प्राचार्य ज्योत्सना श्रीवास्तव रहेंगी।  
यूं चला घटनाक्रम
कला महाविद्यालय को शहर के बाहर संचालित करने का विरोध करने वाले एवं उसे शहर के बाहर संचालित करने के लिए नया भवन बनाने वाले पक्षों में चली राजनीतिक जंग के बीच गत फरवरी में एक नया आदेश आ गया था। आदेश के तहत सरकार ने नए भवन में वाणिज्य संकाय को चालू करने के आदेश दिए थे। लेकिन भवन को हैंडओवर नहीं करने से वाणिज्य संकाय उस में संचालित नहीं हो सका। अब नए भवन को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है। नए भवन में महाविद्यालय चलेगा या नहीं इसे लेकर अभी संशय बना हुआ है। 3 साल पहले भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक शंकर शर्मा ने जीरोता मोड़ पर कला महाविद्यालय के लिए सरकार से जमीन अलाट कराकर वहां भवन निर्माण के लिए 6 करोड रुपए स्वीकृत कराए थे। इसी के साथ ही कला महाविद्यालय को शहर से बाहर ले जाने का विरोध शुरू हो गया था। जिले के विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को ऊपर तक उठाया और अंततः कला महाविद्यालय शहर के बीच स्थित भवन में ही संचालित कराने के आदेश आ गए।
एचआरडी के आदेश मिलते ही काम शुरू
राजकीय कला महाविद्यालय को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मर्ज करने के सरकार के आदेश मिलने के बाद हमने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अब एचआरडी के आदेश मिलते ही स्टाफ सहित सभी कार्मिक नए स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ड्यूटी ज्वाइन कर काम शुरू कर देंगे।
ज्योत्सना श्रीवास्तव, प्राचार्य, राजकीय कला महाविद्यालय

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