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  • The Youth Selected In RAS Said If You Understand The Topic Well With Planning, You Can Get Success Even Without Coaching, Dedication Is Necessary For The Goal

आरएएस में हमारे जिले के होनहार:आरएएस में चयनित युवा बोले- प्लािनंग के साथ टॉपिक को अच्छे से समझें तो बिना कोचिंग के भी मिल सकती है सफलता, लक्ष्य के लिए समर्पण जरूरी

दौसा22 दिन पहले
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  • भास्कर ने उन्हीं से जाना सफल होने का सूत्र, बोले- कठिन परिश्रम करना अावश्यक

राजस्थान लाेक सेवा आयाेग(आरपीएससी) की और से आरएएस संयुक्त प्रतियाेगी परीक्षा-2018 का परिणाम मंगलवार देर रात घाेषित किया गया। इलाके के हाेनहार बेेटे-बेटियाें ने आरएएस के परिणााम में शानदार सफलता हासिल की। होनहारों की सफलता पर आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया गया। इस मौके पर दैनिक भास्कर ने अभ्यर्थियाें से सफलता का मंत्र जाना। अभ्यर्थियों ने बताया कि आरएएस में सफलता के लिए प्लानिंग के साथ तैयारी करना बेहद जरूरी है। नियमित पढ़ाई करें और जो भी पढ़ें उसका रिवीजन जरूर करें। रटने के बजाय टॉपिक को समझें। ज्यादातर अभ्यर्थियों का कहना था कि एग्जाम की तैयारी के दौरान उन्होंने स्मार्टफोन से पूरी तरह से दूरी बनाई। यूज भी किया तो सिर्फ स्टडी मैटेरियल डाउनलोड करने के लिए। पढ़िए होनहारों की सफलता की कहानी...

ढाई माह काेर्ट में बाबू रहे, फिर 40 माह स्कूल में एलडीसी की सर्विस की, अब आरएएस में चयनदाैसा| बी-टैक की पढ़ाई के दाैरान ही शादी हाे गई थी। उस समय तक कमाई का काेई जरिया नहीं था। पत्नी आने के बाद रुपए-पैसे की तंगी रहने लगी। ऐसे में पहले क्लर्क की तैयारी की। उसमें सफलता भी मिली। पहले ढाई माह काेर्ट में बाबू की नाैकरी की और फिर 40 माह से स्कूल में कनिष्ठ सहायक (एलडीसी) हूं। आर्थिक रूप से स्थायीत्व मिलने पर फिर आरएएस की तैयारी शुरू की, जिसमें पहली बार में सफलता मिलने पर खुश हूं। यह कहना है रघुनाथजी माेहल्ला निवासी लक्ष्मीकांत शर्मा का, जाे आरएएस 2018 परीक्षा में चयनित हुए हैं। शर्मा ने ऑल ओवर 1606 और दिव्यांग वर्ग में चाैथी रैंक हासिल की है। कहा, बिना काेचिंग सेल्फ स्टेडी की और इंटरव्यू के लिए दाेस्ताें के साथ चर्चा-परिचर्चा के आधार पर तैयारी की। युवा साथियाें काे मैसेज है कि सफलता का एक ही मंत्र है नियमित पढ़ाई।

आरएएस के लिए 4 नाैकरी ठुकराई, सलेक्शन पर नेहा खुश, बोलीं -अगला लक्ष्य आईएएस बननाकोलवा | गुढ़लिया (बांदीकुई)की बेटी नेहा भादूका ने आरएएस-2018 में सफलता प्राप्त कर गांव और परिवार का नाम राेशन किया। आरएएस के लिए नेहा ने 4 नाैकरी ठुकरा दी, जिसका लक्ष्य आरएएस बनना था। आरएएस में ऑल ओवर 345वीं रैंक हासिल करने वाली नेहा का अगला लक्ष्य आईएएस बनने का है। गुढ़ा कटला में प्रिंसीपल अशाेक कुमार शर्मा की बेटी नेहा का पूर्व में महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर बांदीकुई, केंद्रीय विद्यालय, थर्ड ग्रेड और फिर सेकंड ग्रेड अंग्रेजी में सलेक्शन हाे गया था। बावजूद इसके उसका इन सर्विस में मन नहीं लगा, क्याेंकि दिल में आरएएस बनने का ख्वाब था। मन में है विश्वास हम हाेंगे कामयाब...गीत की तर्ज पर नेहा ने विश्वास का दामन थामे रखा और मंगलवार देर रात घाेषित आरएएस रिजल्ट में नेहा ने सफलता हासिल की।

पति तहसीलदार, मीनू गुर्जर पहले ही प्रयासमें आरएएस बनींं, सामान्य वर्ग में 144वीं रैंकसिकंदरा| बासड़ा निवासी चित्तौड़गढ़ के गंगरार तहसीलदार पद पर कार्यरत नरेश गुर्जर की पत्नी मीनू गुर्जर का आरएएस में पहले ही प्रयास में चयन हुआ। मीनू वर्तमान में शिक्षा विभाग में भूगोल व्याख्याता हैं। व्याख्याता का कार्य करते हुए उन्होंने पढ़ाई की तथा वर्ष 2016 आरएएस भर्ती परीक्षा में चयनित अपने पति नरेश गुर्जर के मार्गदर्शन में 2018 आरएएस भर्ती परीक्षा में एमबीसी महिला वर्ग में प्रथम तथा सामान्य वर्ग में 144वीं रैंक प्राप्त की।जयपुर में कार्यरत सब इंस्पेक्टर मुकेश मीणा का आरएएस में चयन, एसटी श्रेणी में 34वीं रैंकमेहंदीपुर बालाजी| ग्राम नादरी निवासी मुकेश कुमार पुत्र धर्म सिंह मीना का आरएएस में चयन हुआ। मुकेश ने जनरल में 961 और एसटी श्रेणी में 34वीं रैंक हासिल की। मुकेश वर्तमान में राजस्थान पुलिस जयपुर में सब इंस्पेक्टर है। उसने बताया, पुलिस सेवा में होने के बावजूद आरएएस की तैयारी के लिए समय का सबसे अच्छा प्रबंधन करके सफलता हासिल की। माता- पिता और शिक्षकों का उसकी सफलता में विशेष योगदान रहा और हर समय प्रोत्साहन मिला।

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