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  • Trap, The Computer Operator Of Bandikui Municipality, Was Working On Contract Since 2013 With A Bribe Of 1600; Used To Take Hundred Rupees Commission Per Ration Card

संविदाकर्मी ने बेचा ईमान:बांदीकुई नगरपालिका के कम्प्यूटर ऑपरेटर को 1600 की रिश्वत के साथ ACB ने किया ट्रैप, ई-मित्र संचालकों से प्रति राशन कार्ड लेता था सौ रूपए कमीशन

दौसा2 महीने पहले
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बांदीकुई में गिरफ्तार आरोपी संविदाकर्मी सुमित शर्मा। - Dainik Bhaskar
बांदीकुई में गिरफ्तार आरोपी संविदाकर्मी सुमित शर्मा।

ई-मित्र संचालक द्वारा आवेदन किए गए प्रमाण पत्रों को वेरिफाई करने की एवज में रिश्वत लेते बांदीकुई नगरपालिका ईओ के कम्प्यूटर आपरेटर को एसीबी दौसा की टीम ने रिश्वत के 1600 रुपए के साथ रंगे हाथों ट्रैप किया है। एसीबी द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद नगरपालिका समेत बांदीकुई क्षेत्र के सरकारी आफिसों में खलबली मच गई। फिलहाल पूरे मामले को लेकर एसीबी की कार्रवाई जारी है। वहीं गुरुवार को आरोपी संविदाकर्मी को एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दौसा एसीबी के डिप्टी एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया संविदा पर कार्यरत कम्प्यूटरकर्मी सुमित शर्मा निवासी शिव कॉलोनी, बांदीकुई नगरपालिका में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नए राशन कार्ड, विवाह पंजीयन आदि वेरिफाई करने कार्य करता है। जहां आरोपी ई-मित्र संचालक यशपाल सिंह से राशन कार्ड व विवाह पंजीयन के बदले दो हजार रूपए की डिमांड की। दोनों के बीच 1600 रुपए में सौदा तय हुआ। जिसकी शिकायत पर एसीबी ने 12 जुलाई को सत्यापन कर बुधवार शाम ट्परै की कार्रवाई को अंजाम दिया।

चौंकाने वाले खुलासे हुए
डिप्टी एसपी ने बताया कि रिश्वत के इस पूरे खेल में और कौन-कौन लोग लिप्त हैं इसका खुलासा एसीबी की जांच के बाद ही होगा, लेकिन एसीबी की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपी राशन कार्ड बनवाने व संशोधन करने की एवज में प्रति राशन कार्ड सौ रुपए ई-मित्र संचालकों से वसूल करता था। ऐसे में वह रोजाना करीब 70 से 80 राशन कार्ड बनाने का काम करता था। इससे प्रतिदिन करीब आठ हजार रुपए की रिश्वत राशि वसूली जा रही थी।

जांच में खुलेंगी परतें
वहीं एक महिने की बात करें तो करीब 2 से ढाई लाख रुपए के बीच में यह रिश्वत की राशि वसूली जा रही थी। संविदा पर लगे कंप्यूटर ऑपरेटर की हिमाकत नहीं इतना बड़ा खेल वह खुद ही कर दे। कहीं ना कहीं इस खेल में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। अब यह पूरा खेल एसीबी की जांच में उजागर होगा। आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर सुमित शर्मा 2013 से बांदीकुई नगर पालिका में संविदा पर काम कर रहा है। ऐसे में एसीबी जांच के बाद मामले में परतें खुलेंगी।

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