अनलाक-1 से राहत / लाॅकडाउन में रुक गई थी शादी, तीन महीने बाद सोशल डिस्टेंसिंग के साथ फेरे और विदाई

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  • दूनी की 4 बेटियों की बगरू (जयपुर) के एक परिवार के तीन सगे व एक चचेरे भाई के साथ हुई सगाई, गणेश निमंत्रण- लग्न पत्रिका लिखने के बाद बंधे के बालाजी में होना था विवाह

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

दूनी. कस्बे के महेंद्र सिंह सोनावत का अपनी बेटियों की शादी के लिए तीन माह से चल रहा इंतजार आखिरकार सोमवार को खत्म हुआ। उनकी चारों बेटियां बगरू के चार युवकों के साथ विवाह बंधन में बंधकर विदा हुई। कोरोना लाॅकडाउन के चलते उनको बेटियों की शादी रोकनी पड़ी थी, जबकि लग्न पत्रिका लिखे जाने से लेकर तेल विनायक बैठ जाने तक की रस्में निभाई जा चुकी थी। आंवा रोड निवासी महेंद्र की चारों बेटियों सुमन, पूजा, प्रियंका व नेहा कंवर का विवाह जयपुर जिले के बगरू निवासी एक परिवार के तीन सगे भाई व एक चचेरे भाई के साथ 2 अप्रैल को जयपुर के बंधे के बालाजी पर प्रस्तावित सामूहिक विवाह सम्मेलन में होनी थी। परिजनों ने 18 मार्च को गणेश निमंत्रण दिया था। लगन पत्रिका लिखने के साथ ही घर में मांगलिक गीत, नृत्य, संगीत शुरू हो गया। अचानक ही कोराेना वैश्विक महामारी के चलते राज्य सरकार ने लॉकडाउन घोषित कर दिया। इसके साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन के आयोजन पर भी रोक लगा दी गई। एेसे में महेंद्र की चारों बेटियों की शादियां अटक गई। मायूस परिवार के सामने लॉकडाउन खुलने का इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं थी।

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