जरूरतमंदों कि सहायता / जरूरतमंदों की मदद का बनेंगे जरिया

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दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

गंगापुर सिटी. हर साल 20वें रोजे से ही ईद की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस बार न तो रौनक है न ही सिवइयों की खुशबू। लॉकडाउन के बीच ईद सादगी से मनाई जाएगी। लोग ईद पर नए कपड़ों की खरीदारी के लिए बचाकर रखे पैसे परेशान लोगों की मदद के लिए दे रहे हैं। कपड़ा व्यापारी बताते हैं कि हर साल ईद पर कपड़ों का अच्छा कारोबार होता है लेकिन दो माह लॉकडाउन के चलते व काम बंद होने के कारण इस बार ब्रिक्री भी फीकी है। अच्छी बात यह है कि लोग कपड़े खरीदने के पैसों से जरूरतमंदों को राहत पहुंचा रहे हैं। गरीबों की मदद के लिए शहर में कई मुस्लिम संगठन सक्रिय हैं। व्यक्तिगत रूप से भी कई लोग इस काम से जुड़े हैं। स्थानीय विधायक रामकेश मीना भी मुस्लिम वार्डों में जाकर गरीब तबके लोगों को ईदी के रूप में खाद्य सामग्री बांट कर उनकी ईद की खुशी मनाने में मददगार साबित हुए हैं। शहर काजी शाहीद अली ने बताया कि हदीसों में जिक्र है कि अगर पडौसी भूखा है तो आपकी जिम्मेदारी है कि वह भूखा न सोए। सही मायने में ईद की खुशी तब ही होगी पडौसी के चेहरे पर भी वही खुशी नजर आए।
फितरा जितना जल्द चुकाएं उतना बेहतर शहर काजी शाहीद अली ने बताया कि सक्षम मुसलमान पर सदका-ए- फित्र वाजिब है। फितरा और जकात गरीब व असहाय लोगों के लिए दान होता है ताकि वह भी ईद की खुशियों में शामिल हो सके। अपनी कुल सम्मति का ढाई प्रतिशत हिस्से के बराबर की रकम (जकात) निकालकर गरीबों में बांटना चाहिए।

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