एक महीने में 10 डेंगू के मरीज:मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी,जिला अस्पताल में सुविधाओं का अभाव,सड़क दुर्घटना में घायलों को किया जा रहा जयपुर रैफर

गंगापुर सिटी18 दिन पहले
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गंगापुर सिटी-ओपीडी काउंटर पर जमा भीड़। - Dainik Bhaskar
गंगापुर सिटी-ओपीडी काउंटर पर जमा भीड़।

अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं। आउटडोर में डेंगू, मलेरिया, वायरल के मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। जिला अस्पताल में एक महीने में 10 डेंगू के केस सामने आए हैं। वार्डों में बेड मरीजों से भरे हुए हैं। वर्तमान में ओपीडी 2 हजार तक पहुंच गई है। वहीं जिला अस्पताल में क्रमोन्नत होने के बाद भी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। सड़क दुर्घटनों में घायलों को अब भी जयपुर रैफर किया जाता है।

डेंगू में रक्तस्राव चिंताजनक
जिला अस्पताल के पैथोलोजिस्ट डॉ. विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि डेंगू में रक्तस्राव चिंताजनक है । यदि मरीज के किसी अंग से रक्तस्राव नहीं हो रहा है तो 10 हजार से कम होने पर ही प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत होती है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि डेंगू में शॉक सिंड्रोम के लक्षण होने पर ही प्लेटलेट्स गिरती है। प्लेटलेट्स दो प्रकार की होती है । सिंगल डोनर प्लेटलेट्स व रेंडम डोनर प्लेटलेट्स। रेंडम डोनर से डेंगू के मरीज के प्लेटलेट्स 3 से 4 हजार बढ़ते है तो रेंडम से 20 से 30 हजार प्लेटलेट्स बढ़ते है।

प्लेटलेट्स की व्यवस्था नहीं होने मरीज रैफर
शहर में सरकारी और निजी अस्पताल को मिलाकर दो ब्लड बैंक हैं। प्लेटलेट्स बैंक नहीं होने से मरीजों को जयपुर रैफर किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि प्लेटलेट्स को ब्लड से मशीन से निकाला जाता है। प्लेटलेट्स बैंक नहीं होने से मजबूरन मरीजों को जयपुर रैफर किया जाता है। पीएमओ डॉ. दिनेश गुप्ता ने बताया कि डेंगू के बचाव के लिए शहरी क्षेत्र में चिकित्सा टीम फॉगिंग कर रही हैं। अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी हैं।

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