प्रशासन को शायद हादसे का इंतजार है:कभी आबाद रहने वाला उपतहसील भवन बना आफत, जर्जर हालत ऐसी कि कभी भी गिर सकता है

गोविंदगढ़ (जयपुर)3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद समस्या जस की तस

गोविंदगढ़ में राजीव गांधी सेवा केन्द्र के समीप स्थित पुराना उपतहसील भवन में 80 के दशक में हर समय रौनक रहती थी। लेकिन वर्तमान में भवन जीर्ण-शीर्ण हालात में खतरा बनकर खड़ा है।

हो सकता है बड़ा हादसा
ग्रामीणों ने कई बार राजस्व विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुराना उपतहसील भवन राजीव गांधी सेवा केंद्र समीप सटकर बना हुआ है। केंद्र पर हर समय ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में अगर कभी गिरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है।

उपयोग नहीं रहा तो भवन हो गया खंडहर
80 के दशक में चलने वाली उपतहसील आमेर तहसील के अधीन थी। 1982 में जब चौमूं को तहसील बनाया गया तो कस्बे स्थित उपतहसील को भी चौमूं तहसील में मर्ज कर गोविंदगढ़ को सिर्फ गिरदावर सर्किल ही रखा गया। ऐसे में कुछ दिनों तक तो पुराना उपतहसील भवन में गिरदावर व गिरदावर सर्किल के अधीन आने वाले पटवारी बैठे। लेकिन धीरे-धीरे सभी चौमूं तहसील में बैठने लगे तथा सार संभाल के अभाव में उपतहसील भवन खंडर बन गया।

जर्जर हालत में उप तहसील भवन जो कभी गिर सकता है।
जर्जर हालत में उप तहसील भवन जो कभी गिर सकता है।

नीचे बनी है दुकानें, लोगों ने बना दिया कचरागाह
पुराना उपतहसील भवन की नीचे वाले भवन में पांच दुकानें बनी हुई है। जिनमें से तीन दुकान निजी व दो दुकान सरकारी है। जिम्मेदारों द्वारा सुध नहीं लेने पर ग्रामीणों ने उप तहसील भवन को कचरागाह बना डाला तथा खाली पड़े भवन में चारों ओर कचरा डाल दिया।

2014 में पुन मिली उपतहसील
2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट घोषणा में गोविंदगढ़ कस्बे में उप तहसील की घोषणा के साथ ही 2014 में ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के तहत गोविंदगढ़ पंचायत समिति में उप तहसील का शुभारंभ किया। इसके बाद कस्बे के रेलवे स्टेशन रोड पर उप तहसील का नया भवन स्वीकृत होकर भवन बनने के बाद उप तहसील वर्तमान में संचालित है लेकिन जिम्मेदारों ने पुराने भवन की सुध नहीं ली।

लोगों ने खंडहर भवन में कचरा डालना शुरू कर दिया है।
लोगों ने खंडहर भवन में कचरा डालना शुरू कर दिया है।

अधिकारियों का अवगत करवाया है। जर्जर भवन के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
-ओमप्रकाश शारदा, सरपंच, गोविंदगढ़ ग्राम पंचायत

प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत मामला जानकारी में आने पर भवन का निरीक्षण किया था। भवन जीर्ण-शीर्ण होने के साथ जर्जर हालत में है। जिसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पटवारी से रिपोर्ट तैयार करवा कर मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है।
-गिरधारी लाल पारीक, उप तहसीलदार गोविंदगढ़

कंटेंट : विकास कुमार शर्मा

खबरें और भी हैं...