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प्रशासन गांवों के संग अभियान:2 अक्टूबर को शुरू होगा प्रशासन गांवों के संग अभियान, 243 ग्राम पंचायतों में लगेंगे शिविर

हिन्डौन20 दिन पहले
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ग्रामीणों की घर बैठे ही समस्याओं की सुनवाई कर उनका निस्तारण करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रदेशभर में 2 अक्टूबर से प्रशासन गांवों के संग अभियान प्रारंभ होगा। जिले की आठों पंचायत समितियों की सभी 243 ग्राम पंचायतों में भी अलग-अलग तिथिवार शिविर पंचायत मुख्यालय पर शिविर लगेंेगे। जिनमें किसानों के राजस्व संबंधी प्रकरणों का समाधान होगा और ग्रामीणों के अन्य मुद्दों व जनसमस्याओं की त्वरित सुनवाई कर संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर ही निराकरण भी करेंगे। प्रत्येक ब्लॉक में संबंधित उपखंड अधिकारी को शिविर प्रभारी का दायित्व सौंपते हुए जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने अभियान के सफल क्रियान्वयन व कैंप आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

दरअसल, कृषक व आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करने और जन उपयोगी योजनाओं का पात्रों तक लाभ पहुंचाने की मंशा से महात्मा गांधी की जयंती से प्रशासन गांवों के संग अभियान प्रारंभ किया जाएगा। दो अक्टूबर से 17 दिसंबर तक चलने वाले इन शिविरों में राजस्व सहित कुल 19 विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। खास यह है कि इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेष अभियान घूंघट मुक्त राजस्थान के प्रति जन जागरुकता पर जोर दिया जाएगा। ग्राम पंचायत में शिविर आयोजन से चार-पांच दिन पहले ही पंचायत स्तर पर पटवारी, वीडीओ,कृषि पर्यवेक्षक आंगनबाडी कार्यकर्ता आदि की एक टीम ग्रामीणों को जागरुक करने के साथ ही शिविर में होने वाले कामकाज की जानकारी देगी।

जरूरतमंदों के शिविर आयोजन से एक दिन पहले ही कार्मिक प्रार्थना पत्र व आवेदन पत्र तैयार करेंगे। कैंप में हैल्प डेस्क भी होगी,जो लोगों के प्रार्थना पत्र तैयार करने में मदद करेगी। शिविरों में प्रमुख रूप से पैतृक कृषि भूमि व लंबित राजस्व मुकदमों का आपसी सहमति से निस्तारण होगा। वहीं खातों का शुद्धिकरण व नामांतरण खुलने,खातों का विभाजन, नये व पुराने रास्तों का चौडा करने, रास्तों के प्रकरण, गैर खातेदारी से खातेदारी अधिकार, सरकारी चरागाह भूमियों से अतिक्रमण हटवाने, भूमिहीन कृषकों को आवंटन, नवीन राजस्व गांवों के प्रस्ताव, सीमाज्ञान व पत्थरगढी के प्रकरण, राजकीय कार्यालयों को भूमि आवंटन, रिकॉर्ड दुरुस्ती, आबादी विस्तार, जाति, मूल निवास, हैसियत, जन्म-मृत्यु पंजीयन प्रमाण पत्र बनाने जैसे कार्य होंगे।

इन 19 विभागों से जुड़े काम होंगे राजस्व विभाग एवं उप निवेशन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल, कृषि विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास, ऊर्जा(बिजली), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सैनिक कल्याण, सार्वजनिक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयोजना, पशुपालन, श्रम, आयुर्वेद, सहकारिता, शिक्षा व वन विभाग से जुड़े कार्य होंगे।

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