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नियमितीकरण:पंचायत सहायकों ने नियमितीकरण के लिए राज्य सरकार को ट्विटर पर फिर से घेरा

हिन्डौन17 दिन पहले
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गुढ़ाचन्द्रजी रविवार को प्रदेश के 27 हजार ग्राम पंचायत सहायक अपनी मांगों को लेकर ट्विटर पर राज्य सरकार को घेर रहे हैं। सोशल मीडिया के द्वारा राज्य सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया के इस मैदान में पंचायत सहायकों ने अपनी एकता दिखाई है और पूरे भारत में पहले नंबर पर एवं राजस्थान मेंभी प्रथम स्थान पर ट्रेडिंग कर रहा है। प्रदेश संयोजक एडवोकेट रामजीत पटेल ने बताया कि प्रदेश के 27 हजार ग्राम पंचायत सहायकों के नियमितीकरण को लेकर अभियान चलाया जा रहा है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री शअशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अजय माकन, संविदा कमेटी अध्यक्ष बी डी कल्ला, सालेह मोहम्मद, ममता भूपेश, अशोक चांदना आदि को ट्विटर पर घेरा जा रहा है। ग्राम पंचायत सहायक पिछले 4 साल से नियमित रोजगार की आस लगाए बैठे हुए हैं। पूर्व में विद्यार्थी मित्र के रुप में 8 वर्षों तक राज्य सरकार को अपनी सेवाएं दी है। कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में ग्राम पंचायत सहायकों को नियमित करने का वादा किया था।वर्तमान में ग्राम पंचायत सहायक बीते 3 महीनों से बिना मानदेय प्राप्त किए पंचायत एवं विद्यालयों में कोरोना वॉरियर्स के रूप में कार्य कर रहे हैं।

मात्र 6 हजार मासिक मानदेय में दो दो विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ना कोई अतिरिक्त यात्रा भत्ता मिलता है ना ही कोई सुरक्षा सामग्री। प्रदेश के पंचायत सहायक इस महामारी में चेक पोस्ट सर्वे आइसोलेशन कक्ष के बाहर निगरानी दल के रूप में कंट्रोल रूम में सर्वे दल के रूप में और वैक्सीनेशन की कार्य में अपनी पूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 18 ग्राम पंचायत सहायक ड्यूटी देते वक्त इस महामारी की चपेट में आकर अपनी जिंदगी को चुके हैं।यदि राज्य सरकार जल्द ग्राम पंचायत सहायकों के नियमितीकरण को लेकर फैसला नहीं करती है तो लोक डाउन के हटते ही प्रदेश के 27 हजार ग्राम पंचायत सहायक जयपुर की धरा पर एक महा आंदोलन के साथ राज्य सरकार से आमना सामना करेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

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