सरकारी अस्पताल में 1 घंटे बिजली सप्लाई रही बंद:मोबाइल की रोशनी से करना पड़ा मरीजों का इलाज, मरीज और परिजन हुए परेशान

हिंडौन सिटी2 महीने पहले
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मोबाइल की रोशनी में इलाज करते नर्सिंगकर्मी। - Dainik Bhaskar
मोबाइल की रोशनी में इलाज करते नर्सिंगकर्मी।

राज्य सरकार ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हिण्डौन सिटी अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा दे दिया है, लेकिन अस्पताल में जरूरी सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों और डॉक्टर्स को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को दोपहर 12 बजे 1 घंटे के लिए अस्पताल में बिजली चली गई। इस दौरान मेडिकल वार्ड में डॉक्टर्स को मोबाइल टॉर्च के उजाले में मरीजों को इंजेक्शन लगाते और ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाते देखा गया।

सरकारी जिला अस्पताल में बिजली बाधित होने पर बिजली सप्लाई सुचारू रखने के लिए 50 केवी का जनरेटर लगा हुआ है, लेकिन कई दिनों से जनरेटर की बैटरियां डिस्चार्ज हो गई है। ऐसे में जब बिजली सप्लाई बंद होती है, तो अस्पताल के कमरों में अंधेरा हो जाता है।

बुखार से पीड़ित मोहन सिंह निवासी पटोंदा बुधवार को सरकारी अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती हुआ। दोपहर में नर्सिंगकर्मी उसके इलाज के लिए ग्लूकोज बोतल चढ़ा रहे थे। तब लाइट चली गई। इस दौरान मोहन सिंह ने उजाले के लिए एक हाथ में मोबाइल पकड़ा और दूसरे हाथ में डॉक्टर ने कैनुला लगाया। इसके बाद उसे ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई। मोहन सिंह ने बताया कि अंधेरा होने के कारण उसके हाथ की नस में कैनुला सही नहीं लग पाया और खून बाहर आ गया।

एक घंटे परेशान रहे 88 मरीज
सरकारी अस्पताल में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रही। इस दौरान अस्पताल के मेडिकल एवं सर्जीकल वार्डों में भर्ती 88 मरीजों को अंधेरा होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान उनके साथ बैठे परिजन भी परेशान हुए।

नया जनरेटर आने पर ही होगा स्थायी समाधान
अस्पताल के पीएमओ डॉ. नमोनारायण मीना ने बताया कि मौजूदा दिनों में 50 केवी का जनरेटर अस्पताल में लगा हुआ है, लेकिन कुछ दिनों से उसकी बैटरियां डिस्चार्ज होने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने 200 केवी का नया जनरेटर स्वीकृत किया है, जो पूना से हिण्डौन के लिए रवाना हो चुका है। नया जनरेटर आने पर ही समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

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