पाले के कारण खेती में नुकसान:शीत लहर, पाले के कारण सरसों की अगेती खेती में 80 % तक नुकसान

हिन्डौन4 महीने पहले
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क्षेत्र में पिछले दिनों पड़ी कड़ाके की सर्दी के कारण सरसों की अगेती फसल में किसानों ने नुकसान की आशंका जताई है स्थानीय किसान मुनीम राम, उदय चंद ,बिरजू जाटव, भूरा जाटव आदि ने बताया कि कड़ाके की सर्दी एवं पाला गिरने से सरसों की अगेती फसल में काफी नुकसान देखने को मिल रहा है। गंभीर नदी के तटवर्ती खेतों में अत्यधिक सर्दी के कारण लगभग 80 फीसदी तक सरसों समय नष्ट हो गई है तथा शेष खेतों में लगभग 20 फीसदी तक नुकसान हुआ है किसानों ने बताया कि कई किसानों ने बटाई पर खेती की है ऐसे में उनके सरसों की फसल में सर्दी से नुकसान हो जाने के कारण उनके बच्चों के पालन पोषण में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। सिंघनिया निवासी बटाईदार बिरजू जाटव ने बताया कि उसने 3 बीघा खेती बटाई पर की है उसे उम्मीद थी कि सरसों का बढ़िया उत्पादन होगा। इससे परिवार में शादी संबंधित कार्यक्रम संपादित करने थे, परंतु लगातार शीतलहर एवं पाला गिरने से उसके खेती में लगभग 80 फीसदी तक नुकसान हुआ है । इस संबंध में किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का किसान उठाएं लाभ: वही इस संबंध में जानकारी पर मुड़िया परीक्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी श्रीराम छावड़ी ने बताया कि जिन किसानों की फसल में पाले के कारण नुकसान हुआ है वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आवेदन संबंधित कृषि पर्यवेक्षक के यहां कर सकते हैं।

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