पेयजल सकंट:अंडरग्राउंड बिजली लाइन डालते वक्त तोड़ दी पानी की लाइन, 150 घरों में 7 दिन से पेयजल सप्लाई नहीं

जोबनेर25 दिन पहले
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जोबनेर ग्रामीण| सड़क किनारे खोदे गए गड्ढ़े और क्षतिग्रस्त पानी की पाइप लाइन। - Dainik Bhaskar
जोबनेर ग्रामीण| सड़क किनारे खोदे गए गड्ढ़े और क्षतिग्रस्त पानी की पाइप लाइन।
  • जोबनेर में बिजली निगम और जलदाय विभाग एक-दूजे पर टाल रहे, पानी के लिए परेशान हो रहे सैकड़ों लोग
  • वार्ड 3 के पार्षद ने बिजली निगम के ठेकेदार, एईएन और पीएचईडी के जेईएन के खिलाफ कराया मामला दर्ज

बिजली निगम के ठेकेदारों की ओर से बिना किसी राजकीय स्वीकृति के नगर पालिका जोबनेर के अधिकारियों व जलदाय विभाग जोबनेर के अधिकारियों से मिलीभगत कर पानी की सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त कर दिया।इस संबंध में जोबनेर के वार्ड नंबर 3 पार्षद राजेंद्र गुर्जर ने पुलिस थाना जोबनेर में मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया कि वार्ड नम्बर 3 में कॉलेज रोड पर जेवीवीएनएल के ठेकेदारों की ओर से अंडरग्राउंड बिजली लाइन डाली जा रही है। सूचना मिली है कि उक्त कार्य बिजली निगम के ठेकेदार द्वारा नगर पालिका जोबनेर के अधिकारियों व जलदाय विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर बिना किसी राजकीय स्वीकृति के पानी की लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया।

बिजली निगम के ठेकेदारों द्वारा पानी की सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त कर दी गई। आगे की सप्लाई लाइन दुरुस्त करने की बजाय, उसको बंद कर दिया गया है। जिसके कारण पिछले 7 दिनों से वार्ड 3 व नया बाजार जोबनेर में पानी की व्यवस्था खराब हो गई है। इससे करीब 150 घरों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की लाइन दुरुस्त नहीं करने के कारण घरों में जो पानी की सप्लाई हो रही है, वह गंदे पानी की हो रही है। आसपास के क्षेत्र में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है, जिसकी मरम्मत के लिए जलदाय विभाग व बिजली निगम को बार बार अवगत कराया गया। उसके बाद भी अभी तक पानी की पाइप लाइनों की मरम्मत नहीं की गई है। दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी पानी की व्यवस्था सुचारू नहीं की गई है। अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण समस्त वार्ड वासियों में रोष व्याप्त है।

जोबनेर नगर पालिका के जेईएन दिनेश कुमावत ने बताया कि संपूर्ण प्रोजेक्ट सीएचसी व नगरपालिका के अंडर में हो रहा है। जिसमें ऑक्सीजन प्लांट का काम हो रहा है। इसलिए नगरपालिका ने खुद बिजली निगम से कहा है कि लाइन डाली जाए।^जलदाय विभाग के जेईएन विद्याधर स्वामी का कहना है कि जलदाय विभाग ने न तो किसी भी प्रकार की किसी को कोई अनुमति दी है। अगर किसी पानी सप्लाई की लाइन को तोड़ा है, तो स्वयं तैयार भी करवाएंगे। इसमें जलदाय विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है।^बिजली विभाग के एईएन मोहनलाल पूनिया का कहना है कि हम लाइन को दुरुस्त करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन जलदाय विभाग हमें सूचित करें कि लाइन में फाल्ट कहां हुआ हैं। इसके बाद ही लाइन को सही किया जा सकेगा।^बिजली विभाग के जेईएन उमेश यादव का कहना है कि पाइप लाइन ठीक कराने का काम जलदाय विभाग का है। वो ही दुरुस्त करवाएं।

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